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बरहड़वा: 23 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसानों को भारी नुकसान

बरहड़वा: 23 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसानों को भारी नुकसान

बरहड़वा। अंचल क्षेत्र के महाराजपुर गांव के बहियार में गुरुवार दोपहर अचानक गेहूं के खेत में आग लगने से लगभग 23 बीघा फसल जलकर राख हो गई। इस घटना से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तेज हवा और धूप के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

घटना का विवरण

मिली जानकारी के अनुसार, महाराजपुर गांव के किसान महेमूर इस्लाम, अमीरूल इस्लाम, काजिम शेख, एजारुल शेख और इस्लामपुर निवासी साबिर शेख के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई। किसानों का कहना है कि आग कैसे लगी, इसकी जानकारी नहीं है। जब उन्हें दोपहर में खेत में आग लगने की सूचना मिली, तो वे दौड़ते हुए पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन हवा तेज होने के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरे बहियार में फैल गई।

तेज हवा और धूप ने बढ़ाई आग की तीव्रता

तेज धूप और हवा के कारण आग ने भयानक रूप ले लिया। खेतों में पहले से कटे हुए धान और गेहूं के भूसे के ढेर भी थे, जिन्होंने आग को और अधिक भड़काने का काम किया। देखते ही देखते आग ने लगभग 23 बीघा गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।

ग्रामीणों का प्रयास रहा असफल

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण एकत्र हो गए। उन्होंने डंडे और धूल का उपयोग कर आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि खेतों में खड़ी फसल कुछ ही देर में जलकर राख हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव से पंपिंग सेट लाकर पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो यह आसपास के खेतों और गांव तक फैल सकती थी, जिससे और भी बड़ा नुकसान हो सकता था।

किसानों को भारी नुकसान, प्रशासन से मदद की मांग

इस घटना के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन आग ने उनकी मेहनत को पल भर में राख में बदल दिया। प्रभावित किसानों ने प्रखंड प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उचित सहायता प्रदान की जाए।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें उचित मुआवजा दिया जा सके। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

आग लगने के संभावित कारण

हालांकि आग लगने के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि खेत में फेंकी गई जलती हुई बीड़ी या सिगरेट से यह हादसा हो सकता है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट के कारण चिंगारी गिरी होगी, जिससे आग लगी होगी।

किसानों की अपील

आग लगने से प्रभावित किसानों ने प्रशासन से राहत देने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि सरकार प्राकृतिक आपदा राहत कोष से उन्हें उचित मुआवजा प्रदान करे, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके। साथ ही, किसानों ने खेतों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है।

इस घटना ने क्षेत्र के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। प्रशासन की ओर से उचित सहायता न मिलने पर किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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