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झारखंड सरकार की असंगठित कर्मकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ: श्रमिकों के लिए बेहतर भविष्य की दिशा में एक कदम

झारखंड सरकार की असंगठित कर्मकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ: श्रमिकों के लिए बेहतर भविष्य की दिशा में एक कदम

रांची, 20 जनवरी 2025: झारखंड सरकार ने असंगठित श्रमिकों के लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की शुरुआत की है, जो इन श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा और जीवन में बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को मृत्यु, दुर्घटना, बीमारी, मातृत्व, कौशल विकास और अन्य महत्वपूर्ण जीवन स्थितियों में सहायता प्रदान करना है। सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएँ बनाई गई हैं जिनसे असंगठित श्रमिकों और उनके परिवारों को जीवन में कई प्रकार के लाभ मिल सकेंगे।

मुख्य योजनाएँ और उनके लाभ

  1. झारखंड असंगठित कर्मकार मृत्यु/दुर्घटना सहायता योजना
    इस योजना के तहत, यदि निबंधित असंगठित कर्मकार की मृत्यु होती है तो उनके परिवार को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सामान्य मृत्यु पर 50,000 रुपये जबकि दुर्घटना या व्यवसायजन्य रोग से मृत्यु होने पर 1,00,000 रुपये की राशि दी जाएगी।
  2. अंत्येष्टि सहायता योजना
    इस योजना का उद्देश्य असंगठित कर्मकार के परिवार को उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए सहायता प्रदान करना है। सामान्य मृत्यु पर 15,000 रुपये और दुर्घटना या व्यवसायजन्य रोग से मृत्यु होने पर 25,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
  3. मातृत्व प्रसुविधा योजना
    यह योजना महिला असंगठित कर्मकारों के लिए है, जिसमें उन्हें उनके पहले दो प्रसूति के लिए 15,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह योजना महिला श्रमिकों को उनके मातृत्व अधिकारों को सुनिश्चित करती है और उनके लिए आर्थिक मदद का एक स्रोत बनती है।
  4. कौशल उन्नयन योजना
    इस योजना के तहत निबंधित असंगठित कर्मकारों को कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं। इसमें श्रमिक स्वयं या उनके दो पुत्र/पुत्रियों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। झारखंड कौशल विकास मिशन द्वारा चयनित लाभार्थियों को कौशल उन्नयन में मदद मिलती है।
  5. उपचार आजीविका सहायता योजना
    यह योजना श्रमिकों को स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यदि किसी श्रमिक को पांच या उससे अधिक दिन तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है तो उन्हें झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के बराबर राशि दी जाती है, जो 40 कार्य दिवसों तक हो सकती है।
  6. मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक औजार सहायता योजना
    इस योजना के तहत, असंगठित श्रमिकों को उनके कामकाजी जीवन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए 5,000 रुपये तक की राशि सुरक्षा किट या औजार किट के रूप में प्रदान की जाती है।
  7. साईकिल सहायता योजना
    यह योजना महिला लाभार्थियों के लिए है, जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच है और जिन्होंने सिलाई मशीन सहायता योजना का लाभ नहीं लिया है। इसके अंतर्गत, महिला श्रमिकों को 7,000 रुपये की राशि साइकिल खरीदने के लिए DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी जाती है।
  8. सिलाई मशीन सहायता योजना
    यह योजना उन श्रमिकों के लिए है जिनकी आयु 35 से 60 वर्ष के बीच है और जो सिलाई मशीन प्राप्त करना चाहते हैं। उन्हें सिलाई मशीन के लिए 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
  9. विवाह सहायता योजना
    निबंधित श्रमिकों को अपने दो बच्चों की शादी या महिला श्रमिक के विवाह हेतु 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि DBT के माध्यम से सीधे श्रमिक के खाते में जमा की जाएगी।

ऑनलाइन निबंधन और आवेदन प्रक्रिया

झारखंड सरकार ने असंगठित कर्मकारों के लिए इन योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुलभ बना दिया है। श्रमिक अपने निबंधन के लिए shramadhan.jharkhand.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ एक पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, और नॉमिनी के आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करनी होती है।

झारखंड सरकार की असंगठित कर्मकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ: श्रमिकों के लिए बेहतर भविष्य की दिशा में एक कदम

सहायता प्राप्त करने के लिए संपर्क विवरण

अधिक जानकारी और निबंधन के लिए श्रमिक अंचल में श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी और जिला श्रम अधीक्षक से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, श्रमिक अपनी निबंधन प्रक्रिया के बारे में सहायता प्राप्त करने के लिए सीधे संबंधित विभागों से मार्गदर्शन ले सकते हैं।

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