लातेहार: सिविल सर्जन एवं जिला यक्ष्मा पदाधिकारी के निर्देशानुसार जिले में संचालित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार (11 अप्रैल 2026) को विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार से जोड़ना है, ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
अभियान के तहत चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) क्षेत्र के आम लटदाग के रखात गांव में श्रमिकों एवं ग्रामीणों के बीच विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इस दौरान कार्यस्थल पर जाने वाले श्रमिकों सहित आसपास के ग्रामीणों की पहचान कर कुल 114 लोगों की हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन से जांच की गई। साथ ही उन्हें टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अलावा आम क्षेत्र के सासंग तथा आम बारी के बरमनी साप्ताहिक हाट जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी व्यापक जांच अभियान चलाया गया, जहां 97 लोगों की एक्स-रे जांच की गई। आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्षेत्रों में मौजूद लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि लगातार खांसी, बुखार, वजन घटना और रात में पसीना आना जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है।
इस प्रकार सीएचसी चंदवा क्षेत्र में कुल 263 लोगों की टीबी संदिग्ध के रूप में स्क्रीनिंग और जांच की गई, जो अभियान की सफलता और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।
अभियान के सफल संचालन में लातेहार टीबी केंद्र के डीपीसी मदन लाल गुप्ता, एसटीएलएस राजा महतो, पंकज कुमार पांडेय, एमपीडब्ल्यू, चंदवा टीम के सीएचओ एवं सहिया के साथ-साथ जिला यक्ष्मा विभाग के पीपीएम मो. इमरान एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों की अहम भूमिका रही।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि टीबी के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ उठाएं। विभाग ने यह भी दोहराया कि टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते समय पर पहचान और नियमित उपचार किया जाए।