गोमिया (बोकारो): गोमिया प्रखंड के ललपनिया ओपी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज रामू तुरी हत्याकांड में एक सप्ताह बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक का लापता कटा हुआ हाथ शुक्रवार को तुलबुल पंचायत के चेलियाटांड स्थित तेनुघाट डैम किनारे बरामद किया गया। हाथ मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का अंतिम संस्कार परिजनों की मौजूदगी में कराया।
हाथ की बरामदगी
जानकारी के अनुसार, लगभग एक सप्ताह पूर्व कोदवाटांड नहर से रामू तुरी का शव बरामद हुआ था, जिसमें एक हाथ गायब था। काफी खोजबीन के बावजूद उस समय हाथ नहीं मिल पाया था।
शुक्रवार को स्थानीय मछुआरों ने चेलियाटांड के पास डैम किनारे जाल में फंसा कटा हुआ हाथ देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
परिजनों ने की पहचान
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मृतक के पिता कौलेश्वर तुरी व भाई शंकर कुमार तुरी सहित अन्य परिजनों को बुलाया गया। परिजनों ने बरामद हाथ की पहचान रामू तुरी के अंग के रूप में की।
अंतिम संस्कार
हाथ मिलने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात पुलिस की मौजूदगी में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया।
आक्रोश और प्रदर्शन
शव मिलने के बाद पहले ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया था। लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।
मृतक के पिता कौलेश्वर तुरी ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे की बेरहमी से हत्या कर शव को नहर में फेंका गया।
पुलिस कार्रवाई
ललपनिया ओपी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों—लाल मिस्टर अंसारी (43) और शंकर करमाली (27)—को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में तेनुघाट जेल भेज दिया है।
बताया जाता है कि दोनों ने शव को रेलवे ट्रैक से हटाकर नहर में फेंकने की बात स्वीकार की है, हालांकि कटे हाथ के संबंध में उन्होंने अनभिज्ञता जताई है।
जांच में तेजी की मांग
मृतक के बड़े भाई शंकर कुमार तुरी ने कहा कि मामला अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर जल्द से जल्द सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।