पाकुड़ संवाददाता,
पाकुड़िया: प्रखंड के फुलझिंझरी गांव में बासंतिक चैती दुर्गा पूजा का शुभारंभ श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ हुआ। पूजा के प्रथम दिन कलश यात्रा और घट भराई का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गांव की महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर पारंपरिक वेशभूषा में पूरे गांव का भ्रमण किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु “जय माता दी” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति देखते ही बन रही थी। पूजा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और आरती की जा रही है। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
पूजा समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समुचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा, स्वच्छता और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। आयोजन स्थल के आसपास मेले का भी आयोजन किया गया है, जहां विभिन्न प्रकार की दुकानें सज गई हैं और बच्चों सहित सभी वर्ग के लोग इसका आनंद ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूजा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी प्रतीक है। हर वर्ग और समुदाय के लोग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।
बासंतिक चैती दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर फुलझिंझरी गांव पूरी तरह भक्ति और उत्साह के रंग में रंग गया है, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाता है।