नई दिल्ली, 14 फरवरी 2026 (पीआईबी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में सेवा तीर्थ तथा कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सभी एक नए इतिहास के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम, कैबिनेट सचिवालय, सेवा तीर्थ एवं नए भवनों से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारियों को बधाई दी तथा निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियरों और श्रमिकों का आभार व्यक्त किया।
‘नागरिक देवो भव’ की भावना से राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट की श्रृंखला में कहा कि भारत के नागरिकों की सेवा के अडिग संकल्प और ‘नागरिक देवो भव’ की पवित्र भावना से प्रेरित होकर सेवा तीर्थ को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। उन्होंने कामना की कि यह स्थल कर्तव्य, करुणा और ‘भारत प्रथम’ के सिद्धांत का उज्ज्वल प्रतीक बने और आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करे।
प्रमुख निर्णयों की घोषणा
प्रधानमंत्री ने बताया कि सेवा तीर्थ में उन फाइलों पर हस्ताक्षर किए गए जो गरीबों, वंचितों, किसानों, युवाओं और नारी शक्ति के सशक्तिकरण से जुड़ी हैं। प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
- प्रधानमंत्री राहत योजना (PM RAHAT) के शुभारंभ को स्वीकृति — दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
- लखपती दीदी योजना का लक्ष्य दोगुना कर 6 करोड़ करना — महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।
- कृषि अवसंरचना कोष का लक्ष्य 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये — किसानों की आय वृद्धि में सहायता।
- स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्वीकृति — प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप और डीप-टेक अनुसंधान को प्रोत्साहन।
स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी
उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ स्मारक डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने का सशक्त आधार बनेंगे। उन्होंने ‘स्वतंत्र भारत की स्वतंत्र पहचान’ और गुलामी की मानसिकता से मुक्ति के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कर्तव्य इस जीवंत राष्ट्र की प्राण वायु है और ‘नागरिकदेवो भव’ हमारी कार्य-संस्कृति है।