गोमिया।पिट्स मॉडर्न स्कूल के प्राचार्य बृजमोहन लाल दास को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘शिक्षक रत्न सम्मान’ से नवाजा गया। यह सम्मान दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो में आयोजित ‘स्कूल लीडरशिप सेमिनार एंड अवार्ड्स 2025’ (झारखंड चैप्टर) के 18वें संस्करण में प्रदान किया गया।
उत्कृष्ट योगदान और नेतृत्व की पहचान
यह पुरस्कार उनके शैक्षिक उत्कृष्टता, नवाचार में नेतृत्व की दृष्टि और भविष्य के लिए तैयार शिक्षार्थियों के पोषण में उनके समर्पण को सम्मानित करता है। बृजमोहन लाल दास ने बोकारो के कई शीर्ष संस्थानों में अपनी सेवा और दूरदर्शी नेतृत्व से अनगिनत युवा मनों को आकार दिया है।
अपने जन्मस्थान गोमिया लौटकर उन्होंने पिट्स मॉडर्न स्कूल में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए कई प्रगतिशील और रचनात्मक पहलें की हैं, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों को प्रेरित कर रही हैं।
समारोह और विशेषज्ञ वार्ता
इस सेमिनार में मुख्य अतिथि अजय नाथ झा, आईएएस, उपायुक्त बोकारो, झारखंड, ओडिशा और बिहार के शिक्षाविद, विश्वविद्यालय प्रमुख, मनोवैज्ञानिक और प्राचार्य उपस्थित थे। मंच पर मानसिक स्वास्थ्य, मूल्यांकन सुधार, एनईपी 2020 का कार्यान्वयन, कौशल विकास और समग्र स्कूली शिक्षा पर चर्चाएं हुईं।
प्राचार्य के विचार
श्री दास ने पुरस्कार प्राप्ति पर कहा—
“यह सम्मान मेरे लिए आशीर्वाद है और गोमिया के बच्चों के लिए और अधिक कठिन परिश्रम करने के मेरे संकल्प को मजबूत करता है। शिक्षा मेरा उद्देश्य है और युवा मनों को जिम्मेदार वैश्विक नागरिकों में बदलना मेरा जुनून है। यह पहचान मैं अपने छात्रों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को समर्पित करता हूँ।”
शिक्षा क्षेत्र से बधाई संदेश
गोमिया विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अरिंदम दासगुप्ता ने कहा—
“हम अपने प्राचार्य को ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होते देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पिट्स मॉडर्न स्कूल में नई ऊर्जा और नवाचार आया है।”
अभिषेक विश्वास, महाप्रबंधक, आईईपीएल (ओरिका) गोमिया ने कहा—
“श्री दास की मान्यता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनका दृष्टिकोण पिट्स मॉडर्न स्कूल और गोमिया के युवाओं के उज्जवल भविष्य को आकार देता रहेगा।”
यह सम्मान न केवल श्री दास की उत्कृष्टता की पहचान है, बल्कि पूरे राज्य के शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है, जो दिखाता है कि दूरदर्शी नेतृत्व, जुनून और उद्देश्य एक स्कूल को नवाचार और प्रतिभा का केंद्र बना सकता है।