पाकुड़ के 6 पर्यटन स्थलों का होगा विकास, रानी दिग्गी में पैडल बोट-कयाक की योजना
पाकुड़ के छह पर्यटन स्थलों के विकास का खाका तैयार, रानी दिग्गी में पैडल बोट-कयाक का मिलेगा रोमांच

रिपोर्ट केशव तिवारी,
पाकुड़ संवाददाता।अब पाकुड़ के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों को बेहतर सुविधाएं और मनोरंजन के नये विकल्प मिल सकते हैं। दुर्गापुर डैम में नौकायन और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, रानी दिग्गी तालाब में पैडल बोट-कयाक और प्रमुख धार्मिक स्थलों से लेकर झरने व गर्म कुंड तक के सौंदर्यीकरण की तैयारी है। जिले के पर्यटन मानचित्र को आकर्षक बनाने के लिए प्रशासन ने विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल शुरू की है। हालांकि, इन सुविधाओं का धरातल पर उतरना विभागीय स्वीकृति और कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।
मंगलवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई पर्यटन एवं खेल विभाग की समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं पर चर्चा की गयी। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं को प्राथमिकता देने और प्रस्ताव तैयार कर विभागीय स्वीकृति के लिए भेजने का निर्देश दिया।

डैम से झरने तक, पर्यटन को नया रूप देने की तैयारी
पाकुड़िया प्रखंड के दुर्गापुर डैम को नौकायन और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा से जोड़ने का प्रस्ताव है। यह योजना धरातल पर उतरती है, तो डैम पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन सकता है। वहीं, नगर परिषद क्षेत्र के जटाधारी शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
लिट्टीपाड़ा प्रखंड के लीलातरी झरना में सीढ़ियां, रेलिंग और आरसीसी बेंच बनायी जायेंगी। लंग्टामशान मंदिर में छतयुक्त बेंच और तोरणद्वार पर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। महेशपुर के भौंरीकोचा मंदिर में प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड, हाई मास्ट लाइट, शौचालय और बेंच की व्यवस्था प्रस्तावित है। चटकम गर्म कुंड के सौंदर्यीकरण की भी योजना बनायी गयी है।
इन कार्यों का उद्देश्य पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं बेहतर करना और जिले के धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों को अधिक आकर्षक बनाना है।
रानी दिग्गी तालाब में दिखेगा नया आकर्षण
शहर के रानी दिग्गी तालाब को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां फ्लोटिंग फाउंटेन, पैडल बोट और कयाक की सुविधा के साथ घाटों का सौंदर्यीकरण करने की योजना पर चर्चा हुई। इससे शहरवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को मनोरंजन का नया विकल्प मिल सकता है।
वहीं, हिरणपुर प्रखंड के धरनीपहाड़ पर्यटन स्थल पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए थ्री-फेज बिजली कनेक्शन की व्यवस्था करने की दिशा में पहल होगी। इसके लिए विद्युत विभाग को पत्र भेजा जायेगा।
पर्यटक आएंगे तो स्थानीय लोगों की भी बढ़ेगी कमाई
प्रशासन की योजना केवल पर्यटन स्थलों को सजाने तक सीमित नहीं है। उपायुक्त ने इनके आसपास स्थानीय स्टॉल विकसित करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और पर्यटकों को क्षेत्रीय उत्पाद उपलब्ध हो सकें। विकास कार्य पूरे होने के बाद पर्यटन स्थलों के संचालन और रखरखाव के लिए स्थानीय समितियां गठित करने की योजना है।
इसके अलावा जिले के होटलों का टूरिस्ट ट्रेड रजिस्ट्रेशन कराने की दिशा में भी पहल की जायेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन के साथ खेल सुविधाओं पर भी फोकस
समीक्षा बैठक में खेल विभाग की योजनाओं की भी पड़ताल की गयी। राष्ट्रीय युवा महोत्सव-2027 और विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की तैयारियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिये गये। उपायुक्त ने हिरणपुर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, छात्रावास निर्माण और बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम का काम जल्द पूरा कराने को कहा।
बैठक में जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे। अब इन योजनाओं की अगली अहम कड़ी विभागीय स्वीकृति और समयबद्ध क्रियान्वयन होगी।
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