
राजस्व कर्मियों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो होगी सीधी कार्रवाई : उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री
रांची। राजस्व कार्यों में लापरवाही, दाखिल-खारिज के लंबित मामलों और अंचल कार्यालयों में दलाल-बिचौलियों की सक्रियता को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने राजस्व कर्मियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कार्यशैली में सुधार नहीं होने और शिकायतें मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अंचल कार्यालयों में दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा आम लोगों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने यह निर्देश समाहरणालय के ब्लॉक-ए सभागार में जिले के सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में दिया। बैठक में अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, ट्रेनी आईएएस आस्था शरण, उपसमाहर्ता भूमि सुधार मुकेश कुमार, भू-अर्जन पदाधिकारी केके राजहंस, भू-बंदोबस्त पदाधिकारी आशुतोष ओझा, उप निदेशक सामाजिक सुरक्षा रविशंकर मिश्रा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

30 और 90 दिनों से लंबित मामलों का होगा त्वरित निष्पादन
बैठक में दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की अंचलवार समीक्षा की गई। विशेष रूप से 30 दिनों और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और अनावश्यक देरी करने वाले मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने राजस्व कर्मियों को कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। सक्सेशन म्यूटेशन यानी उत्तराधिकार के आधार पर दाखिल-खारिज और भूमि नापी से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
अंचलों में दलाल-बिचौलियों पर रहेगी नजर
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अंचल कार्यालयों में आम जनता के कार्यों के लिए दलालों और बिचौलियों की भूमिका किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। राजस्व कर्मियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने और आम लोगों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने की हिदायत दी गई।
उन्होंने कहा कि जनता को अपने जायज कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़े। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत सामने आने पर जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण पर सख्ती
बैठक में आदिवासी भूमि के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे और गैरकानूनी हस्तांतरण की आशंका को गंभीरता से लिया जाए। ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जमीन के अधिकारों की रक्षा हो सके।
पर्यटन विकास और भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश
रांची जिले के नामकुम, अनगड़ा और ओरमांझी अंचलों में पर्यटन विकास की संभावनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्राकृतिक सुंदरता और संभावित पर्यटन स्थलों का समुचित विकास करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने और रोजगार के अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
इसके अलावा जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने और भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। उपायुक्त ने प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। शिक्षण संस्थानों के लिए जमीन की उपलब्धता से संबंधित विषयों पर भी निर्देश दिए गए, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
प्रमाण पत्र जारी करने में देरी बर्दाश्त नहीं
नगर विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा के भीतर जारी करने का निर्देश दिया। उनका स्पष्ट कहना था कि प्रमाण पत्रों के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी मामलों का गंभीरता से निपटारा करने और किसी भी स्तर पर अनावश्यक लंबित रखने से बचने को कहा। शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अनुपस्थित कर्मचारी को शो-कॉज, वेतन रोकने का निर्देश
बैठक में बिना कारण बताए अनुपस्थित रहने वाले हल्का कर्मचारी-8 विजय उरांव के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी करने और वेतन रोकने की प्रक्रिया अपनाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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