साहिबगंज सदर अस्पताल में 22 करोड़ का क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 50 बेड की सुविधा
आईसीयू, डायलिसिस और ऑपरेशन थिएटर से होगा लैस, दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

साहिबगंज सदर अस्पताल में 22 करोड़ से बनेगा स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र, छह मंजिला क्रिटिकल केयर ब्लॉक में मिलेंगी 50 बेड की सुविधा
रिपोर्ट:सोनू कुमार,
साहिबगंज। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद है। साहिबगंज सदर अस्पताल परिसर में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा छह मंजिला क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देने की तैयारी में है। भवन का निर्माण अंतिम चरण में है और दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा हुआ, तो नए साल में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो सकता है।
अब तक गंभीर मरीजों के उपचार में आधुनिक उपकरणों, आईसीयू और विशेष चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के शुरू होने से आपातकालीन और गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। यहां मरीजों की निगरानी, जरूरी जांच और उपचार के लिए कई सुविधाएं एक ही भवन में उपलब्ध कराने की योजना है।

आईसीयू से डायलिसिस तक,एक ही भवन में मिलेंगी कई सुविधाएं
झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से केएआर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड भवन का निर्माण करा रही है। पूरी तरह वातानुकूलित छह मंजिला भवन में कुल 50 बेड की व्यवस्था होगी। फिलहाल बिजली की वायरिंग, पेंटिंग और अन्य शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक में आईसीयू, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), आइसोलेशन वार्ड, डायलिसिस यूनिट, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई (एमसीएच), इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर, लेबर-डिलीवरी-रिकवरी (एलडीआर) और प्वाइंट ऑफ केयर लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इन सुविधाओं के माध्यम से गंभीर मरीजों की हृदय गति, रक्तचाप और स्वास्थ्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण संकेतों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। मरीज की स्थिति के अनुसार आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
20 बेड की आईसीयू,बच्चों के लिए चार बेड निर्धारित
क्रिटिकल केयर ब्लॉक की प्रमुख सुविधाओं में 20 बेड की आईसीयू शामिल है। इसमें बच्चों के उपचार के लिए चार बेड निर्धारित किए गए हैं। आईसीयू के लिए 20 वेंटिलेटर, 20 सिरिंज पंप और पांच इन्फ्यूजन पंप सहित आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा लैरिंगोस्कोप, इंफ्रारेड थर्मामीटर, एम्बु बैग, रक्तचाप मापने की मशीन, ऑप्थैल्मोस्कोप, पोर्टेबल वेंटिलेटर, पोर्टेबल एक्स-रे और पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।
इन उपकरणों की मदद से गंभीर मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक उपचार करने में चिकित्सकों को सहूलियत मिलेगी। खासकर आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
24 घंटे चिकित्सा सेवा की तैयारी
क्रिटिकल केयर ब्लॉक में चौबीसों घंटे चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी। आईसीयू, स्टेप-डाउन यूनिट, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर में आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था की जाएगी।
हालांकि, आधुनिक भवन और उपकरणों के साथ पर्याप्त चिकित्सकों, नर्सों तथा तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता भी जरूरी होगी। सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब उपकरणों का नियमित संचालन और मरीजों की देखभाल सुचारु रूप से सुनिश्चित हो।
गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित होगा ब्लॉक : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. रामदैव पासवान ने बताया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। यहां आपातकालीन चिकित्सा सेवा, आवश्यक जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे मरीजों को उनकी स्थिति के अनुरूप जरूरी चिकित्सा सुविधाएं एक ही भवन में मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी गंभीर बीमारियों के उपचार में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
निर्माण करा रही केएआर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर अजित कुमार ने बताया कि भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। बिजली की वायरिंग, पेंटिंग और अन्य बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अब सबकी नजरें निर्माण कार्य पूरा होने और चिकित्सा सुविधाएं शुरू होने की तारीख पर टिकी हैं। क्रिटिकल केयर ब्लॉक शुरू होने से साहिबगंज जिले में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।
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