दीपावली को लेकर सदर अस्पताल अलर्ट, बर्न वार्ड तैयार; गंभीर मरीजों को किया जाएगा रेफर
ऑक्सीजन सिलेंडर, बेड और मल्टीपैरा मॉनिटर की व्यवस्था, प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक ने किया निरीक्षण

रिपोर्ट : केशव तिवारी,
पाकुड़। दीपावली के दौरान पटाखों से झुलसने और आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए सोनाजोड़ी स्थित पाकुड़ सदर अस्पताल में तैयारी पूरी कर ली गई है। आपात स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अस्पताल में बर्न वार्ड तैयार रखा गया है। वार्ड में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और मल्टीपैरा मॉनिटर समेत आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था की गई है। सोमवार को प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बर्न वार्ड का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
पटाखों से झुलसने वालों के इलाज की व्यवस्था
दीपावली के दौरान पटाखे जलाते समय होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि बर्न वार्ड में जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समय पर उपचार देने की व्यवस्था की गई है। चिकित्सकों की ड्यूटी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मरीजों की स्थिति पर रखी जाएगी नजर
जलने से घायल मरीजों के उपचार में संक्रमण से बचाव और स्वास्थ्य की लगातार निगरानी महत्वपूर्ण होती है। अस्पताल में उपलब्ध मल्टीपैरा मॉनिटर की मदद से मरीजों के रक्तचाप, नाड़ी की गति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों पर नजर रखी जा सकेगी। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की देखभाल और उपचार में लगाया जाएगा।
गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की जरूरत
बर्न वार्ड में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के बावजूद गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करना पड़ सकता है। मरीज के शरीर का कितना हिस्सा झुलसा है, चोट की गंभीरता क्या है और अस्पताल में उपचार की कितनी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। ऐसे मामलों में समय पर रेफरल महत्वपूर्ण होगा।
सिविल सर्जन ने तैयारियों की दी जानकारी
सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने बताया कि दीपावली को देखते हुए सदर अस्पताल में बर्न वार्ड तैयार रखा गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं। चिकित्सकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि पटाखों से झुलसने या आगजनी की घटनाओं में घायल मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
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