DC मेघा भारद्वाज के नाम पर फर्जी WhatsApp अकाउंट, रुपये-उपहार मांगने का आरोप
पाकुड़ में साइबर ठगी की कोशिश, उपायुक्त की पहचान का दुरुपयोग

रिपोर्ट:निशांत कुमार सानू,
पाकुड़ संवाददाता। पाकुड़ की उपायुक्त मेघा भारद्वाज के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाईलैंड के कंट्री कोड (+66) वाले मोबाइल नंबर +66636073402 से उनके नाम पर फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाकर अधिकारियों और अन्य लोगों से रुपये तथा उपहार मांगे जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, पुलिस की तकनीकी सेल संदिग्ध नंबर की जांच कर रही है।

उपायुक्त के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संदिग्ध मोबाइल नंबर से उपायुक्त मेघा भारद्वाज के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर WhatsApp अकाउंट बनाया गया है। इस अकाउंट के माध्यम से रुपये और उपहार मांगे जाने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त नंबर का उपायुक्त या जिला प्रशासन से कोई संबंध नहीं है।
मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी गई है। पुलिस की तकनीकी सेल नंबर और उससे जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संदिग्ध संदेशों पर न करें भरोसा
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की है कि उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर किसी अनजान या संदिग्ध नंबर से रुपये अथवा उपहार मांगे जाने पर विश्वास न करें। किसी भी संदेश की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करने के बाद ही कोई कदम उठाएं।
जिला प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि ऐसे संदेशों के आधार पर किसी भी खाते में रुपये ट्रांसफर न करें। साथ ही, ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य निजी एवं वित्तीय विवरण किसी के साथ साझा नहीं करें।
संदिग्ध नंबर की सूचना पुलिस को दें
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें उक्त नंबर से संदेश या कॉल प्राप्त होता है, तो वे सतर्क रहें और इसकी सूचना नजदीकी थाने या साइबर पुलिस को दें। संदिग्ध अकाउंट से बातचीत करने, उसके निर्देशों का पालन करने या बिना पुष्टि के पैसे भेजने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी अधिकारी के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर भेजे गए संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि अवश्य करें।
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