गंगा कटाव पर रेलवे का‘ऑपरेशन बचाव’तेज,300 मीटर में दिन-रात डाले जा रहे बोल्डर
छह दिन बाद कटाव में आंशिक कमी के संकेत, महाराजपुर-सकरीगली के बीच डाउन लाइन पर परिचालन अब भी बंद

तालझारी संवाददाता। साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड के महाराजपुर-सकरीगली के बीच 219/32 के समीप रेल पटरी पर मंडरा रहे गंगा कटाव के खतरे को टालने के लिए रेलवे का युद्धस्तरीय अभियान जारी है। 29 सितंबर से लगातार चल रहे कटावरोधी कार्य के बाद गंगा की धारा के कटाव में आंशिक कमी के संकेत मिले हैं। कटाव स्थल पर डाले गये भारी बोल्डर कई जगह पानी से बाहर दिखाई देने लगे हैं। इससे रेलवे अधिकारियों ने कुछ राहत की सांस ली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। डाउन लाइन पर रेल परिचालन अब भी बंद है।
300 मीटर के दायरे में दिन-रात चल रहा काम
कटाव स्थल पर रेलवे ने पूरी ताकत झोंक दी है। करीब 300 मीटर के दायरे में सैकड़ों मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं। जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से गंगा में लूज बोल्डर, बोल्डर क्रिटिंग और स्लीपर डाले जा रहे हैं। कमजोर हिस्सों पर लोहे की जाली और बोरियों में बोल्डर भरकर बिछाये जा रहे हैं, ताकि पानी की सीधी मार को कम किया जा सके।

हर पल ट्रैक की निगरानी
गंगा कटाव और रेल लाइन की सुरक्षा को लेकर रेलवे अधिकारी लगातार मौके की निगरानी कर रहे हैं। मालदा के डीआरएम समेत वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। रेलवे का पूरा फोकस फिलहाल कटाव को नियंत्रित करने और ट्रैक को सुरक्षित रखने पर है। ट्रैक की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित होने के बाद ही डाउन लाइन पर रेल परिचालन बहाल करने का निर्णय लिया जायेगा।
ट्रेनें बंद, सड़क मार्ग पर बढ़ी यात्रियों की भीड़
रेल परिचालन बाधित होने का असर सड़क मार्ग पर भी दिखने लगा है। यात्रियों की निर्भरता टोटो और टेंपो पर बढ़ गयी है। स्टेशन और चौक-चौराहों पर छोटे वाहनों की आवाजाही बढ़ गयी है। ट्रेन सेवा बाधित होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है, जबकि टोटो-टेंपो चालकों को अपेक्षाकृत अधिक सवारी मिल रही है।
स्कूली बच्चों से कारोबार तक प्रभावित
रेल सेवा बाधित होने से स्कूली बच्चों की परेशानी भी बढ़ गयी है। तालझारी के स्कूलों में बाकुड़ी और आसपास के क्षेत्रों से ट्रेन से आने वाले विद्यार्थियों को अब वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
दुर्गापूजा से ठीक पहले रेल परिचालन प्रभावित होने का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। जूता और कपड़ा कारोबारियों के अनुसार त्योहार के दौरान बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़नी चाहिए थी, लेकिन ट्रेनों के प्रभावित रहने से अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंच रही है। व्यापारी और बाहर से आने वाले लोग रेल सेवा बहाल होने की जानकारी के लिए लगातार फोन कर रहे हैं।
कटाव थमा, लेकिन रेल सेवा बहाली का इंतजार
कटाव में कमी के संकेतों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल रेल ट्रैक की पूरी सुरक्षा को लेकर है। रेलवे की ओर से सुरक्षा की अंतिम पुष्टि के बाद ही डाउन लाइन पर परिचालन बहाल किया जायेगा। फिलहाल रेलवे की नजर गंगा की धारा और ट्रैक की स्थिति पर लगातार बनी हुई है।
रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू
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