
लातेहार। व्यवहार न्यायालय लातेहार परिसर में झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में मोटर वाहन दुर्घटना दावा (एमएसीटी) और स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) से जुड़े मामलों के कानूनी पहलुओं और अनुसंधान की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सह डालसा सदस्य कुमार गौरव समेत न्यायिक एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने कहा कि एमएसीटी और एनडीपीएस मामलों में पुलिस की भूमिका अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। दुर्घटना के मामलों में पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाने के लिए त्वरित और सटीक अनुसंधान जरूरी है। वहीं, नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एनडीपीएस मामलों में कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और पूरी सावधानी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने मोटर दुर्घटनाओं और नशे के दुष्परिणामों से समाज पर पड़ने वाले प्रभाव तथा पुलिस की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने मोटर दुर्घटना दावा वाद से संबंधित कानूनी प्रावधानों और विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुनील दत्ता द्विवेदी तथा जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय दीपक कुमार ने पुलिस अधिकारियों को केस डायरी तैयार करने, साक्ष्यों के समुचित संकलन, एनडीपीएस मामलों में जब्ती की निर्धारित प्रक्रिया तथा समय सीमा के भीतर न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार ने मोटर वाहन दुर्घटना दावा से जुड़े महत्वपूर्ण एवं तकनीकी बिंदुओं पर जानकारी दी। जिला रोड सेफ्टी मैनेजर तनवीर हुसैन और हेड असिस्टेंट सरोज तेलरा ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझाया। कार्यशाला में बीएनएसएस, बीएनएस और बीएसए के प्रावधानों पर भी विशेष चर्चा की गयी।
मौके पर सीजेएम विक्रम आनंद, डालसा सचिव शिवम चौरसिया, जिला अभियोजक शिवशंकर राम, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मुख्यालय डीएसपी, थाना प्रभारी सहित जिले के अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
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