‘नव-दिशा पाकुड़’ के तहत ‘प्रोजेक्ट तारा’ की शुरुआत, बाल विवाह रोकने को प्रशासन सख्त
Pakud News

पाकुड़: जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ‘नव-दिशा पाकुड़’ अभियान के तहत ‘प्रोजेक्ट तारा’ की शुरुआत की है। इस संबंध में बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बाल विवाह की स्थिति और रोकथाम पर गहन समीक्षा
बैठक में जिले में बाल विवाह की वर्तमान स्थिति, इसके प्रमुख कारणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। एनएफएचएस-5 और एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के आधार पर स्थिति का विश्लेषण किया गया। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संभावित बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल हस्तक्षेप करने और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया।

पंचायत स्तर तक अभियान को ले जाने की रणनीति
उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने चौकीदारों, परगनैत, ग्राम प्रधान, धर्मगुरुओं, प्रिंटिंग प्रेस संचालकों और कैटरिंग व्यवसायियों को भी इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में जागरूकता सामग्री के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया, ताकि संदेश गांव-गांव तक पहुंचे।
ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान और पुनः नामांकन पर फोकस
उपायुक्त ने कक्षा 6 से 10 तक के स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों का प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर पर गठन या पुनर्गठन कर नियमित मासिक बैठक सुनिश्चित करने की बात कही गई।
स्कूलों में प्रतियोगिताओं से बढ़ेगी जागरूकता
विद्यालयों में ऑडियो-वीडियो सामग्री के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भाषण, पेंटिंग, स्लोगन लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करने की योजना पर जोर दिया गया।
बाल तस्करी और असुरक्षित पलायन पर भी नजर
बैठक में बाल तस्करी और असुरक्षित पलायन की रोकथाम को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। पंचायत स्तर पर विवाह पंजीकरण व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि बाल विवाह पर अंकुश लगाया जा सके।
प्रशासन का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट तारा’ के माध्यम से सामूहिक प्रयासों से जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
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