
राँची ट्रैफिक पुलिस एवं झारखंड पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा को लेकर एक विशेष 7 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। “सुरक्षित सफर, सुखद कल” के संदेश के साथ यह अभियान 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक संचालित होगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक कर दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
अभियान के दौरान प्रत्येक दिन एक महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा विषय पर विशेष फोकस किया जाएगा।
पहले दिन दोपहिया वाहन चालकों को आईएसआई मार्का हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का कवच है।

दूसरे दिन चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। वाहन में बैठते ही सीट बेल्ट लगाना एक छोटी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण आदत बताई गई है, जो दुर्घटना के समय जीवन बचा सकती है।
तीसरे दिन वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों पर जागरूकता अभियान चलेगा। पुलिस ने कहा कि ध्यान भटकना सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है।
चौथे दिन ओवरस्पीडिंग के खतरों पर जोर दिया जाएगा और निर्धारित गति सीमा (जैसे 60 किमी प्रति घंटा) का पालन करने की अपील की जाएगी।
पांचवें दिन ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने से होने वाले गंभीर हादसों के बारे में लोगों को समझाया जाएगा और लाल बत्ती का पालन करने की अपील की जाएगी।
छठे दिन ज़ेब्रा क्रॉसिंग, स्कूल ज़ोन और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहन गति नियंत्रित रखने को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी।
अंतिम दिन शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा और लोगों को इसके गंभीर परिणामों के बारे में बताया जाएगा।
अभियान के अंत में ट्रैफिक पुलिस ने पांच प्रमुख सुरक्षा संदेश भी जारी किए—
- धीमे चलें, सुरक्षित पहुंचें
- मोबाइल से दूरी रखें
- हेलमेट जरूर पहनें
- सीट बेल्ट का उपयोग करें
- नशे में ड्राइविंग से बचें
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है।
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