पाकुड़:रेलवे स्टेशन परिसर में 4 साल से चल रहा निःशुल्क भोजन वितरण बंद, आरपीएफ ने बिना अनुमति पर लगाई रोक
Pakud News

पाकुड़ संवाददाता।पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में पिछले चार वर्षों से जरूरतमंदों के बीच चल रहा निःशुल्क भोजन वितरण गुरुवार से रोक दिया गया है। यह सेवा पत्थर व्यवसायी सह समाजसेवी लुत्फुल हक द्वारा प्रतिदिन लगभग 200 गरीबों, मजदूरों और असहाय लोगों को उपलब्ध कराई जा रही थी।
आरपीएफ द्वारा रोक लगाए जाने के बाद गुरुवार को आयोजकों ने स्टेशन परिसर के बाहर सड़क किनारे भोजन का वितरण किया।

बिना अनुमति कार्यक्रम पर आरपीएफ की आपत्ति
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अनुसार स्टेशन परिसर में इस तरह के कार्यक्रम के लिए रेलवे के सक्षम अधिकारियों से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है। आरपीएफ इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि डीआरएम या वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (सीनियर डीएससी) की अनुमति के बिना स्टेशन परिसर में भोजन वितरण नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि निगरानी के दौरान यह भी जानकारी मिली कि भोजन वितरण के समय कतार में कुछ चिह्नित अपराधी और असामाजिक तत्व शामिल हो रहे थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
आरपीएफ का कहना है कि भोजन करने के बाद कुछ लोग स्टेशन परिसर में ही रुक जाते हैं, जिससे यात्रियों के सामान की चोरी जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ती है। साथ ही परिसर में गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न होती है।
इंस्पेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास क्षेत्र के 200 से अधिक अपराधियों और असामाजिक तत्वों की सूची है और स्टेशन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना अनुमति दोबारा कार्यक्रम चलाने पर सामग्री जब्ती और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सेवा जारी रखने की बात पर समाजसेवी का रुख
समाजसेवी लुत्फुल हक ने आरपीएफ की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे गरीबों और मजदूरों को बड़ी राहत मिलती है।
उन्होंने कहा कि भोजन वितरण में किसी प्रकार की गंदगी या यात्रियों को परेशानी नहीं होती। लुत्फुल हक ने स्पष्ट किया कि सेवा कार्य किसी भी हाल में बंद नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यदि स्टेशन परिसर में अनुमति नहीं मिलती है, तो सड़क किनारे या किसी अन्य स्थान पर यह सेवा जारी रखी जाएगी। साथ ही उन्होंने डीआरएम सहित रेलवे के उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने की तैयारी की बात कही है।
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