आयुर्वेद दिवस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा,सेमिनार में स्वास्थ्य जीवनशैली पर जोर
Pakud News

पाकुड़ संवाददाता।
11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को आयुष विभाग की ओर से जिला संयुक्त औषधालय परिसर में भगवान धन्वंतरि की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत योग भवन में ‘स्वास्थ्य भविष्य के लिए आयुर्वेद’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें आयुष विभाग के अधिकारी, योग प्रशिक्षक, आयुष कर्मी एवं बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए।

आयुर्वेद की प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा
सेमिनार को संबोधित करते हुए जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता ने आयुर्वेद के इतिहास, इसकी प्राचीन परंपरा और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की समग्र पद्धति है।
योग और आयुर्वेद को दिनचर्या में शामिल करने की अपील
डॉ. गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि योग और आयुर्वेद को नियमित दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव संभव है और जीवन को स्वस्थ एवं संतुलित बनाया जा सकता है।
योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी गई
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सुजीत कुमार चौहान ने आयुष विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल का उद्देश्य आयुष पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूक करना है।
लाभार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद एवं योग से लाभान्वित लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से योग और आयुर्वेदिक उपायों को अपनाने से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से राहत मिली है।
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