उधवा में तीन दिवसीय वैदिक सत्संग महायज्ञ प्रारंभ


श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, प्रवचनों ने मोहा मन
बरहरवा संवाददाता।
उधवा प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी उधवा पंचायत के भुदेव मंडल टोला स्थित बजरंगी बली मंदिर परिसर में आर्य समाज उधवा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय वैदिक सत्संग महायज्ञ का शुभारंभ शुक्रवार की रात्रि भव्यता के साथ हुआ। पहले दिन ही प्रवचन सुनने के लिए दूर-दराज़ से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
कार्यक्रम में मुख्य कथावाचक उत्तर प्रदेश के बदायूं से आए आचार्य सुनील देव ने कहा कि मानव जीवन का परम उद्देश्य सत्य और धर्म के मार्ग पर अग्रसर होना है, जैसा वेदों में वर्णित है। उन्होंने बताया कि निस्वार्थ सेवा ही ईश्वरत्व का वास्तविक स्वरूप है। जब कोई मनुष्य बिना किसी लालच के दूसरों की सहायता करता है, तब वह स्वयं भी दूसरे के लिए भगवान का रूप बन जाता है।
उन्होंने चेताया कि भगवान बनने की इच्छा में अहंकार हावी हो जाना गलत है। पहले सच्चा इंसान बनना आवश्यक है—जिसमें दया, करुणा और ईमानदारी बसती हो, वही वास्तविक अध्यात्म है। आचार्य ने कहा कि भक्ति मार्ग में अहंकार त्यागकर जब मनुष्य स्वयं को ईश्वरमय कर लेता है, तभी वह ईश्वर के निकट पहुंच पाता है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के हरदोई से साध्वी साधना आर्या, शाहजहांपुर से आचार्य राजदेव, भागलपुर से संजय कुमार, अयोध्या से आचार्य हरीश आर्य तथा कोलकाता से आचार्य दीपक शास्त्री ने भी क्रमवार भजन व दिव्य प्रवचन प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मंत्री ज्ञान चंद्र मंडल, उप मंत्री संजय कुमार आर्य, प्रधान विकास मंडल, उप प्रधान ईश्वर कुमार भगत, कोषाध्यक्ष राजेश मंडल, प्रमुख सदस्य धर्मव्रत आर्य, उत्तम आर्य, अमृत आर्य सहित अनेक कार्यकर्ता आयोजन में सहयोग कर रहे हैं।
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