86 लाख का झांसा देकर साइबर ठगी, सोशल मीडिया पर वायरल विज्ञापनों से रहें सावधान
Pakud news

रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू,कोटालपोखर (साहिबगंज): सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों रुपये मिलने का लालच देने वाले फर्जी विज्ञापन इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन झूठे दावों के झांसे में आकर कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।
वायरल हो रहे एक विज्ञापन में पुराने नोट और सिक्कों के बदले ₹86 लाख तक मिलने का दावा किया गया है। इसमें मोबाइल नंबर देकर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क करने को कहा जाता है। बड़ी रकम के लालच में लोग जब संपर्क करते हैं, तो ठग अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे की मांग शुरू कर देते हैं।

पहले लालच, फिर ठगी का खेल
ठग बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। पहले पुराने नोट या सिक्के बेचकर भारी रकम मिलने का भरोसा दिलाया जाता है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, टैक्स, सिक्योरिटी, डिलीवरी आदि के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। एक बार भुगतान करने के बाद लगातार नए-नए बहाने बनाकर और रकम ऐंठी जाती है।
पतना में राजमिस्त्री से ₹43 हजार की ठगी
हाल ही में पतना चौक क्षेत्र के एक राजमिस्त्री ने इसी तरह के झांसे में आकर ₹43 हजार गंवा दिए। बाद में उसे जागरूक किए जाने पर आगे की ठगी से बचा लिया गया। हालांकि ठगों ने उसे डराने के लिए व्हाट्सऐप पर बीएसएफ और आर्मी से जुड़े ग्रुप की तस्वीरें भेजकर भयभीत करने की भी कोशिश की।
₹50 लाख की गाड़ी का झूठा डर
ठगों ने पीड़ित को यह भी कहा कि ₹50 लाख से भरी गाड़ी बरहेट में खड़ी है और पैसा चोरी होने पर उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। जेल से बचाने के नाम पर उससे ₹10 हजार और मांगे गए, लेकिन उसने आगे कोई रकम नहीं भेजी।
लालच के बाद डर का इस्तेमाल
साइबर अपराधी पहले बड़ी रकम का लालच देते हैं और फिर पुलिस, सेना, मुकदमा या जेल का डर दिखाकर लोगों से पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं।
ऐसे बचें ठगी से
- सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे किसी भी विज्ञापन पर भरोसा न करें
- अनजान नंबर पर संपर्क या पैसे ट्रांसफर करने से बचें
- ओटीपी, बैंक डिटेल, एटीएम/डेबिट कार्ड और पिन किसी के साथ साझा न करें
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से रकम बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
इधर, रांगा थाना प्रभारी द्वारा भी जनप्रतिनिधियों और मीडिया के माध्यम से लोगों को ऐसे फर्जी विज्ञापनों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
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