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महेशपुर की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी से मिलकर रखीं मांगें

बकाया पोषाहार और अंडे की राशि नहीं मिलने से सेविकाएं परेशान, विधायक ने दो दिनों में समाधान का दिया आश्वासन

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पाकुड़ संवाददाता। महेशपुर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने रविवार को विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को उनके समक्ष रखा। सेविकाओं ने बताया कि वे अपने-अपने आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का नियमित संचालन कर रही हैं। इसके तहत बच्चों को सुबह का नाश्ता, गर्म भोजन और अंडा उपलब्ध कराया जाता है।

सेविकाओं ने अपनी आर्थिक परेशानी बताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए उन्हें निजी स्तर पर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। कई सेविकाएं उधार लेकर पोषाहार की व्यवस्था कर रही हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2026 की बकाया राशि, फरवरी से अब तक पोषाहार की राशि तथा अक्टूबर 2025 से अंडे की राशि का भुगतान नहीं हुआ है।

सेविकाओं के अनुसार, प्रत्येक सेविका करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक आंगनबाड़ी केंद्र में पोषाहार पर खर्च कर चुकी हैं। अधिकांश सेविकाएं मध्यमवर्गीय या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। ऐसे में लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है।

महेशपुर की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी से मिलकर रखीं मांगें

विधायक ने अधिकारियों से की बात

मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने तत्काल जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर वार्ता की। उन्होंने सेविकाओं को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और दो दिनों के अंदर बकाया भुगतान से संबंधित समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।

विधायक ने सेविकाओं से कहा कि वे चिंता न करें और भविष्य में भी किसी प्रकार की परेशानी होने पर सीधे उनसे संपर्क कर अपनी समस्या बताएं।

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  1. यह बात सही है कि कई जगहों पर ऐसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में यह सुविधा अभी तक लागू नहीं हुई है। मेरे अनुभव में, गाँव की दूरस्थ जगहों पर यह अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।

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