कमर दर्द के साथ झनझनाहट को न करें नजरअंदाज, हो सकती है नस दबने की समस्या
दवा के साथ सही व्यायाम और योग से ही मिलेगा स्थायी आराम

आजकल कमर दर्द एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन जब इसके साथ झनझनाहट या सुनपन महसूस होने लगे, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति अक्सर नस दबने (सायटिका) या रीढ़ की हड्डी में गड़बड़ी के कारण होती है।

कई लोग इस स्थिति में केवल दर्द कम करने पर ध्यान देते हैं, जबकि असल समस्या का इलाज जरूरी होता है। यदि समय पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है और चलने-फिरने में भी परेशानी पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कमर से पैर तक जाने वाला दर्द, झनझनाहट या सुनपन इस बात का संकेत हो सकता है कि रीढ़ की नस पर दबाव पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि इसे नजरअंदाज न करें और सही समय पर जांच कराएं।

व्यायाम और योग से राहत
कमर दर्द और नस दबने की समस्या में नियमित व्यायाम और योग काफी असरदार साबित होते हैं। विशेषज्ञ निम्नलिखित अभ्यास करने की सलाह देते हैं:
मकरासन – कमर की मांसपेशियों को आराम देता है
भुजंगासन – रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और नस के दबाव को कम करता है
पवनमुक्तासन – कमर और पेट की समस्या में राहत देता है
कैट-काऊ स्ट्रेच – रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है
इन व्यायामों को रोजाना 10–15 मिनट करने से धीरे-धीरे दर्द और झनझनाहट में सुधार देखा जा सकता है।

इलाज और बचाव
कमर दर्द और नस से जुड़ी समस्या से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- रोजाना हल्का योग जैसे भुजंगासन, मकरासन और कैट-काऊ स्ट्रेच
- ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठने से बचें
- भारी वजन उठाने से परहेज करें
- कमर पर नियमित रूप से गर्म सिकाई करें
- सही बैठने और सोने की आदत अपनाएं
कब जाएं डॉक्टर के पास?
- दर्द 4–5 दिन से ज्यादा बना रहे
- झनझनाहट या सुनपन लगातार बढ़ रहा हो
- पैर में कमजोरी महसूस हो
- चलने या बैठने में दिक्कत हो
![]()





मेरी एक निजी अनुभव में यह स्थिति तब सामने आई जब मैंने भारी सामान उठाया था। मुझे लगा कि यह केवल साधारण थकान है।