पाकुड़ पहुंचे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सरकार पर साधा निशाना
कहा- पारदर्शी नियुक्ति, पेपर लीक पर रोक और स्थानीय-नियोजन नीति लागू होने तक जारी रहेगा आंदोलन

रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू
पाकुड़ संवाददाता। छात्र अधिकार यात्रा सह भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के तहत शनिवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पाकुड़ पहुंचे। पाकुड़ पहुंचने पर छात्र-छात्राओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सिद्धू-कान्हू पार्क स्थित सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि झारखंड में ऊंची कीमत पर नौकरी बेची जा रही है और राज्य के युवाओं के अधिकार के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने अब तक हुई बहालियों की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी परिवार में गलत तरीके से नियुक्ति हुई है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए और अनियमितता पाए जाने पर नियुक्ति रद्द की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षा अधिकार यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों में निकाली जा रही है। यात्रा की शुरुआत स्वर्गीय वीर शिबू सोरेन की धरती नेमरा से हुई है।
देवेंद्र नाथ महतो ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो पहले झारखंड बंद और उसके बाद सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन विद्यार्थियों की आवाज है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपना भविष्य संवारने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। राज्य की बालू, पहाड़-पर्वत-पठार, जल-जंगल-जमीन तथा कोयला, अभ्रक और बॉक्साइट जैसी खनिज संपदाओं का दोहन हो रहा है, लेकिन यहां के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता जताई।
उन्होंने झारखंड में स्थानीय नीति और नियोजन नीति लागू कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और पहचान के बजाय मेहनत एवं योग्यता के आधार पर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जब तक भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता की गारंटी नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में मार्क्स बास्की, गोल्डन हसदा, सैमुअल मालतो, मोहम्मद नदीम अली, जहांगीर अंसारी, मार्टिन बास्की, प्रेम प्रकाश सोरेन, सुमित सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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