नई दिल्ली, 30 अगस्त। (आरएनएस) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में पीएम स्वनिधि योजना का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना महिला सशक्तीकरण का एक ऐसा उदाहरण है, जिसकी चर्चा और अधिक होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के शहरों और कस्बों की सड़कों पर बड़ी संख्या में महिलाएं सब्जी, फल, चाय, फूल, दीये और पूजा सामग्री बेचकर अपने परिवार की आजीविका में योगदान देती हैं। कई बार कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की होती है। पीएम स्वनिधि योजना ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके कारोबार को विस्तार देने में मदद कर रही है।
योजना के लाभार्थियों में करीब 46 फीसदी महिलाएं
पीएम मोदी ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में करीब 46 फीसदी महिलाएं हैं। यानी देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार बढ़ता है तो इसका सीधा असर पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है, घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी होती हैं और महिला का आत्मविश्वास भी मजबूत होता है। प्रधानमंत्री ने इसे महिला सशक्तीकरण का जीवंत उदाहरण बताया।
गाजियाबाद की बबिता शर्मा का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने गाजियाबाद की बबिता शर्मा का उदाहरण देते हुए बताया कि वह पहले पूजा सामग्री का छोटा-सा स्टॉल लगाती थीं। वह फूल, दीये, अगरबत्ती और नारियल जैसी चीजें बेचकर परिवार की आय में सहयोग करती थीं।
कारोबार को बढ़ाने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की जरूरत थी। पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों बढ़ीं। धीरे-धीरे सड़क किनारे लगा उनका छोटा स्टॉल एक दुकान में बदल गया।
बेंगलुरु की टीएस निंगम्मा की कहानी भी प्रेरक
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु की टीएस निंगम्मा की सफलता की कहानी भी साझा की। निंगम्मा और उनके पति ने मिलकर इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया था।
कारोबार चलने लगा, लेकिन उसे विस्तार देने के लिए पूंजी की जरूरत थी। निंगम्मा को पीएम स्वनिधि योजना से सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी कार्ट को बेहतर बनाया, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और मेन्यू में कई अन्य चीजें भी शामिल कीं।
इससे उनके कारोबार में ग्राहक बढ़े और आमदनी में भी इजाफा हुआ। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज निंगम्मा अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हैं।
‘एक महिला का कारोबार बढ़ता है तो परिवार का भविष्य बदलता है’
पीएम मोदी ने कहा कि किसी महिला का कारोबार बढ़ने का फायदा केवल उसे नहीं, बल्कि पूरे परिवार को मिलता है। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर अवसर तैयार होते हैं।
उन्होंने रेहड़ी-पटरी के कारोबार से जुड़ी महिलाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
क्या है पीएम स्वनिधि योजना?
पीएम स्वनिधि केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को किफायती कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को वित्तीय रूप से मजबूत करना, उन्हें औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना और उनके कारोबार को बढ़ाने में मदद करना है।
इस योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी के दौरान हुई थी। उस समय महामारी और लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लाखों विक्रेताओं के कारोबार प्रभावित हुए थे। उन्हें दोबारा कारोबार शुरू करने के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई।
15 हजार से 50 हजार रुपये तक ऋण
योजना के तहत पात्र रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को क्रमिक रूप से 15,000 रुपये, 25,000 रुपये और 50,000 रुपये तक के बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं।
इसके अलावा योजना में ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी सहायता जैसे प्रावधान भी हैं। पात्र लाभार्थियों को 30,000 रुपये तक का यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
पीएम स्वनिधि के माध्यम से छोटे कारोबारियों, खासकर महिला विक्रेताओं को अपने कारोबार का विस्तार करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल रही है।
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