कोटालपोखर संवाददाता।शिक्षा विभाग की ओर से सत्र 2025-27 के डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए 1 अगस्त से 28 अगस्त तक ऑब्जर्वेशन एंड टीचिंग प्रैक्टिस यानी शिक्षण अभ्यास का संचालन किया जा रहा है। कुल 16 सप्ताह और 112 कार्य दिवस वाले इस प्रशिक्षण के तहत स्कूलों में प्रशिक्षुओं का आवंटन किया गया है.
लेकिन इसमें नियमों की अनदेखी साफ देखने को मिल रही है। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में प्रशिक्षुओं की बाढ़ आ गई है, जबकि बड़े स्कूलों में इनकी भारी कमी है। प्राथमिक विद्यालय, मालीपाड़ा यहां मात्र 77 बच्चे नामांकित हैं और औसतन 50 बच्चे ही उपस्थित रहते हैं।
इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने यहां 11 डीएलएड प्रशिक्षु भेज दिए हैं। स्कूल के 02 स्थायी शिक्षकों को मिलाकर कुल 13 शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं, जिससे कई कक्षाओं में बच्चों से ज्यादा संख्या प्रशिक्षुओं की नजर आई।
मनीरामपुर स्कूल का हाल
मनीरामपुर स्कूल में इसके विपरीत, इस बड़े विद्यालय में 827 बच्चे नामांकित हैं और 712 की उपस्थिति दर्ज होती है, लेकिन विभाग ने यहां मात्र 2 ही डीएलएड छात्र भेजे हैं। स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि जहां वास्तव में शिक्षकों की कमी है, विभाग वहां प्रशिक्षुओं को नहीं भेज रहा है। विभाग को जानकारी नहीं की किस स्कूल में कितने बच्चे नामांकित है और कौन से स्कूलों में प्रशिक्षु की जरूरत है ।