रांची:
ओमान (मस्कट) में परेशानियों का सामना कर रही सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित कर ली गई है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) के साथ समन्वय स्थापित कर यह पहल की।
प्रीति कुजूर 1 अगस्त 2026 को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त 2026 को अपने घर झारखंड पहुंचने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर मामला आते ही सक्रिय हुआ प्रशासन
मामला सोशल मीडिया पर सामने आते ही मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद 23 जून 2026 को राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (POE), रांची और भारतीय दूतावास, मस्कट को मामला भेजा। अगले ही दिन दूतावास ने प्रीति से संपर्क स्थापित किया।
फर्जी एजेंट के झांसे में फंसी थी युवती
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड की रहने वाली प्रीति कुजूर को मार्च 2026 में एक एजेंट ने दुबई में ₹45,000-₹50,000 मासिक वेतन का लालच देकर विदेश भेजा था, लेकिन उसे धोखे से ओमान भेज दिया गया। वहां उससे ₹23,000-₹25,000 के कम वेतन पर काम कराया जा रहा था।
जब प्रीति ने भारत लौटने की इच्छा जताई, तो कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग की। परिवार से ₹1.92 लाख लेने के बावजूद उसे वापस नहीं भेजा गया।
बातचीत से कम हुई रकम, लौटे दस्तावेज
कंपनी मालिक ने अनुबंध अवधि पूरी होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग की थी। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष और भारतीय दूतावास के प्रयासों से यह राशि घटाकर 600 ओमानी रियाल कर दी गई। भुगतान के बाद प्रीति को उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज लौटा दिए गए, जिससे उसकी वापसी संभव हो सकी।
श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
राज्य सरकार ने कहा है कि देश-विदेश में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी संकट की स्थिति में प्रवासी श्रमिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय है।