लातेहार। झारखंड राज्य जल सहिया कर्मचारी संघ की जिला इकाई के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में जल सहियाओं ने समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शीला देवी ने की। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।
धरना को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश महासंरक्षक एतवारी महतो ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन जल सहियाओं को महत्वपूर्ण योजनाओं के दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे महिला कर्मियों के साथ भेदभाव बताते हुए सरकार से समान अवसर और सम्मान देने की मांग की।
जिला अध्यक्ष शीला देवी ने कहा कि जल सहियाओं को स्थानीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने लंबे समय से लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग उठाई और कहा कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
जिला उपाध्यक्ष मेरी स्तेला एक्का ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए जल सहियाओं के लिए न्यूनतम मानदेय तय किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी जल सहियाओं को आयुष्मान भारत योजना और बीमा सुविधा से जोड़ने, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने तथा शहरी क्षेत्र की जल सहियाओं से उसी क्षेत्र में कार्य लेने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जल सहियाओं को स्थायी नियोजन नीति के तहत समायोजित किया जाए और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कार्यों में जीएसटी समाप्त किया जाए।
धरना में सवित्री देवी, अर्चना देवी, सुजनती देवी, शशि रानी, नेहा सिंह, ललिता देवी, सविता देवी, मीना देवी, रेशमा प्रवीण, बबीता देवी, धनेश्वरी देवी सहित जिले की कई जल सहियाएं मौजूद रहीं।