मनिका से संतोष प्रसाद की रिपोर्ट,
मनिका:महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के स्थान पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए वी.बी. ग्राम जी (जी-राम-जी) कानून के विरोध में शुक्रवार को मनिका में जोरदार जनाक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली ग्राम स्वराज मजदूर संघ और भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
जनाक्रोश रैली मनिका हाई स्कूल खेल मैदान से शुरू होकर थाना चौक, पंचफेड़ी चौक होते हुए मनिका प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित धरना स्थल तक पहुंची। रैली में सैकड़ों मजदूर शामिल हुए, जिनके हाथों में तख्तियां थीं और वे “मोदी सरकार जवाब दो”, “हर हाथ को काम देना होगा” जैसे नारे लगा रहे थे।
NEWS APPRAISAL
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए झारखंड नरेगा वॉच के संयोजक जेम्स हैरेंज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया जी-राम-जी बिल मजदूर विरोधी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून पिछले 20 वर्षों से देश के लगभग 26 करोड़ मजदूरों की जीवनरेखा रहा है, जिसमें काम मांगने पर काम देना सरकार की कानूनी जिम्मेदारी थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब गारंटी के बावजूद पिछले 11 वर्षों में किसी भी राज्य में मजदूरों को औसतन 53 दिनों से अधिक काम नहीं मिला, तो अब 10 महीनों में 125 दिन काम देने का दावा कैसे पूरा होगा।
जेम्स हैरेंज ने आगे कहा कि नया कानून मांग आधारित नहीं होकर ऊपर से तय व्यवस्था पर आधारित होगा, जिससे मजदूरों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे।
वहीं सभा को संबोधित करते हुए झामुमो किसान मोर्चा के जिला सचिव सिकेश्वर राम ने कहा कि मनरेगा योजना ने लाखों गरीब परिवारों को भुखमरी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नए विधेयक के लागू होने से रोजगार की सार्वभौमिक गारंटी खत्म हो जाएगी, बजट की सीमा तय कर दी जाएगी और क्षेत्र केंद्र सरकार की अधिसूचना पर निर्भर हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे पंचायतों की स्वायत्तता कमजोर होगी और सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ेगा।
सभा के अंत में वक्ताओं ने जी-राम-जी कानून को वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।