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शीतलहर और बढ़ती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोग अलाव का...

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शीतलहर और बढ़ती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर

बरहरवा।पिछले चार दिनों से लगातार पड़ रही शीतलहर, तेज पछुआ हवा और बढ़ती ठंड ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। शनिवार को दिनभर धूप नहीं निकल पाई, जबकि रविवार को लगभग 11:45 बजे के बाद हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन ठंडी हवा…

शीतलहर और बढ़ती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर
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शीतलहर और बढ़ती ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर

बरहरवा।
पिछले चार दिनों से लगातार पड़ रही शीतलहर, तेज पछुआ हवा और बढ़ती ठंड ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। शनिवार को दिनभर धूप नहीं निकल पाई, जबकि रविवार को लगभग 11:45 बजे के बाद हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन ठंडी हवा और कनकनी के कारण उसका खास असर नहीं दिखा।

ठंड का असर इतना ज्यादा है कि शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। लोग आवश्यक काम न होने पर घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। चौक-चौराहों और गली-मोहल्लों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 18 से 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

बढ़ती ठंड का असर सबसे अधिक बुजुर्गों, बच्चों और गरीब तबके पर देखने को मिल रहा है। लोग गर्म कपड़ों और अलाव के सहारे खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन से भी ठंड को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था बढ़ाने की मांग की जा रही है।

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