ट्रेनें थमीं तो फलों के दाम चढ़े,नवरात्र से पहले महंगी हुई पूजा की थाली
Pakud News

साहिबगंज। : नवरात्र से पहले फलों की बढ़ती मांग के बीच रेल परिचालन बाधित होने से साहिबगंज के फल बाजार पर सीधा असर पड़ा है। कोलकाता, मालदा और आजिमगंज से आने वाली सीधी रेल सेवा प्रभावित रहने के कारण फलों की आवक और आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कारोबारियों को सड़क मार्ग से माल मंगाना पड़ रहा है, जिससे ढुलाई खर्च बढ़ गया है और इसका असर अब फलों की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है।

साहिबगंज के फल बाजार में पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों से बड़ी मात्रा में फल पहुंचते हैं। मालदा और कोलकाता प्रमुख आपूर्ति केंद्र हैं। इसके अलावा भागलपुर और पटना की मंडियों से भी फल मंगाए जाते हैं। रेल सेवा बाधित होने के बाद दूर की मंडियों से सड़क मार्ग के जरिये फल लाने में समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। कारोबारियों के अनुसार इसका असर थोक से लेकर खुदरा बाजार तक पड़ रहा है।
मौसंबी के भाव में खासा उछाल
बाहर से आने वाली मौसंबी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। वहीं अच्छी गुणवत्ता के अनार और बेदाना भी महंगे बिक रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि भागलपुर और पटना से फल मंगाने पर पहले ही परिवहन खर्च अधिक पड़ता है। अब रेल की जगह सड़क परिवहन पर निर्भरता बढ़ने से लागत और बढ़ गई है।
केले की आपूर्ति पर भी असर
साहिबगंज में केले की बड़ी मात्रा पश्चिम बंगाल से आती है। रेल सेवा बाधित रहने से इसकी आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। हालांकि छठ पूजा के दौरान असम से भी केले की बड़ी खेप यहां पहुंचती है। कारोबारियों को उम्मीद है कि रेल परिचालन सामान्य होने पर आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा।
नवरात्र में बढ़ेगी मांग, दाम पर नजर
नवरात्र में फलों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में रेल परिचालन जल्द सामान्य नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में फलों के दाम और बढ़ सकते हैं। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारी मांग और बढ़ी हुई ढुलाई लागत दोनों मिलकर बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। इससे व्रत रखने वाले लोगों को फल खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
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