11 महीने बाद हैदराबाद के परिवार से मिली मंजू, माहेर संस्था और गोमिया प्रशासन की पहल लाई रंग
Gomiya news

11 महीने की सेवा और देखभाल के बाद मंजू को मिला अपनों का साथ, इंसानियत की मिसाल बनी माहेर संस्था
अजीत नारायण प्रसाद की रिपोर्ट,
गोमिया (बोकारो)। इंसानियत और निस्वार्थ सेवा की भावना जब सच्चे प्रयास से जुड़ती है, तो उसका परिणाम बेहद सुखद होता है। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण गोमिया प्रखंड में देखने को मिला, जहां करीब 11 महीने से अपनों से बिछड़ी हैदराबाद निवासी मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला मंजू को आखिरकार अपने परिवार का साथ मिल गया। माहेर संस्था, गोमिया प्रखंड प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयास से मंजू को न केवल बेहतर इलाज और देखभाल मिली, बल्कि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक भी पहुंचाया गया।
कड़ाके की ठंड में मंदिर के पास मिली थीं मंजू
इस पूरी कहानी की शुरुआत 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। सामाजिक कार्यकर्ता बसंत पांडेय ने साड़म स्थित संतोषी मंदिर के निकट एक भवन के पास कड़ाके की ठंड में ठिठुर रही एक महिला की जानकारी साड़म पश्चिमी पंचायत के उपमुखिया पंकज जैन को दूरभाष पर दी। सूचना मिलते ही पंकज जैन ने तत्परता दिखाते हुए गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो, जिला परिषद सदस्य आकाश लाल सिंह और माहेर संस्था को इसकी जानकारी दी।

सूचना मिलने के बाद सुदामा तिवारी और अजीत नारायण प्रसाद सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। महिला की दयनीय स्थिति को देखते हुए तत्काल कंबल, भोजन, पानी और ठंड से बचाव के लिए जलावन की व्यवस्था की गई। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह छोटी-सी मानवीय पहल आगे चलकर एक परिवार को उसकी बिछड़ी हुई सदस्य से मिलाने का माध्यम बनेगी।
बीडीओ की पहल पर माहेर संस्था ने संभाली जिम्मेदारी
अगले दिन गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो स्वयं महिला की स्थिति का जायजा लेने साड़म पहुंचे। महिला की हालत को देखते हुए उन्होंने तत्काल माहेर संस्था, आईईएल गोमिया की टीम को बुलाया और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी।
माहेर संस्था ने भी इस जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाया। महिला को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रांची के कांके स्थित रिनपास अस्पताल में मनोचिकित्सकों से उपचार कराया गया। लगातार देखभाल, उपचार और सहयोग के परिणामस्वरूप मंजू की मानसिक और शारीरिक स्थिति में सुधार हुआ।
स्वस्थ होने पर बताया हैदराबाद का पता
इलाज और देखभाल के बाद जब मंजू की स्थिति बेहतर हुई, तो उन्होंने अपने परिवार और घर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने स्वयं को हैदराबाद का निवासी बताया। इसके बाद माहेर संस्था और प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए हैदराबाद प्रशासन से संपर्क स्थापित किया और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाई।
सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य माहेर संस्था पहुंचे। लंबे समय से बिछड़ी मंजू को सामने देखकर परिजनों के लिए यह भावुक पल था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार के सदस्य उन्हें सुरक्षित अपने साथ हैदराबाद ले गए।

सेवा और संवेदनशीलता की बनी मिसाल
मंजू को उनके परिवार से मिलाने में माहेर संस्था की टीम, गोमिया प्रखंड प्रशासन और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस सराहनीय कार्य के दौरान संस्था के ऑफिस इंचार्ज राजेश कुमार कुजू, तैयब्बा खातून, शिवरानी, स्वांग दक्षिणी पंचायत के पूर्व मुखिया धनंजय सिंह तथा जागृति कंप्यूटर सेंटर के प्रमुख बिनोद कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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