कोटालपोखर में बदला मौसम,बारिश की आशंका से किसान चिंतित
चक्रवाती तूफान अर्णब के असर से मौसम में बदलाव, आसमान में छाए रहे बादल और रुक-रुककर हुई बूंदाबांदी

कोटालपोखर में सुबह से गायब रही धूप, ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन; बारिश की आशंका से किसान चिंतित
अनिकेत कुमार सोनू | कोटालपोखर संवाददाता।
कोटालपोखर क्षेत्र में गुरुवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और दिनभर धूप के दर्शन नहीं हुए। हल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को मौसम में ठंडक महसूस हुई। चक्रवाती तूफान अर्णब के संभावित प्रभाव के बीच बदले मौसम ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
आसमान में छाए रहे बादल, धूप के लिए तरसे लोग
गुरुवार सुबह होते ही आसमान बादलों से घिर गया। दिन चढ़ने के बावजूद धूप नहीं निकली और रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही। ठंडी हवाओं और वातावरण में नमी बढ़ने से मौसम में ठंडक महसूस की गई।

मौसम में अचानक आए बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर भी देखने को मिला। स्थानीय लोग दिनभर आसमान की ओर देखते रहे। लगातार बादल छाए रहने और बारिश की संभावना के कारण क्षेत्र में मौसम को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
बारिश की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। संभावित बारिश से खेतों में लगी फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों की नजरें अब मौसम के अगले रुख पर टिकी हैं।
यदि बारिश लंबे समय तक जारी रहती है, तो खेती-किसानी से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, फसलों को वास्तविक नुकसान होने की स्थिति का आकलन बारिश की मात्रा, अवधि और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
अगले 24 से 48 घंटे पर टिकी लोगों की निगाहें
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच आने वाले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की आशंका के कारण आम लोगों से लेकर किसानों तक की निगाहें मौसम के पूर्वानुमान पर टिकी हैं।
स्थानीय स्तर पर सुबह के समय बाजारों में भी अपेक्षाकृत कम चहल-पहल देखने को मिली। मौसम में बदलाव का असर जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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