राजमहल स्कूल में मध्याह्न भोजन बंद, प्रभारी प्रधानाध्यापक को शो-कॉज नोटिस
राजमहल के मलाहीटोला विद्यालय का मामला, डीएसई ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को 24 घंटे में जवाब देने का दिया निर्देश

मंगलहाट संवाददाता | राहुल कुमार साह,
मंगलहाट:-बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, लेकिन स्कूल के दरवाजे पर ताला लटका रहा। इधर, विद्यालय में पढ़ाई और बच्चों के मध्याह्न भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने के बीच प्रभारी प्रधानाध्यापक के दुर्गापूजा मेले में मिठाई बेचने का मामला सामने आया। राजमहल प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मलाहीटोला से जुड़े इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार साहा से 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया है।
जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) साहिबगंज उर्मिला हांसदा ने 23 अक्टूबर को स्पष्टीकरण मांगते हुए पत्र जारी किया। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल पर ताला, मेले में मिठाई की दुकान!विभाग ने माना गंभीर लापरवाही
विद्यालय बंद कर दुर्गापूजा मेले में मिठाई की दुकान चलाने के मामले को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। डीएसई की ओर से जारी पत्र में इस आचरण को शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता से जुड़ा मामला बताया गया है। विभाग ने इसे बच्चों के भविष्य और सरकारी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही के रूप में रेखांकित किया है।

दो दिन बंद रहा मिड-डे मील, बच्चों की पढ़ाई पर भी सवाल
मामले की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि विभागीय पत्र के अनुसार, विद्यालय में दो दिनों तक बच्चों का मध्याह्न भोजन भी पूरी तरह बंद रहा। सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ पोषण उपलब्ध कराना भी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। ऐसे में विद्यालय बंद रहने और मध्याह्न भोजन बाधित होने का मामला सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
24 घंटे की मोहलत जवाब नहीं तो विभागीय कार्रवाई
डीएसई ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को तय समयसीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक इस मामले में क्या सफाई देते हैं और शिक्षा विभाग आगे क्या कदम उठाता है।
बड़ा सवाल: जब सरकारी विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई और मध्याह्न भोजन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है, तो विद्यालय बंद रहने और भोजन बाधित होने के मामले में जवाबदेही कैसे तय होगी?
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