साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर बांग्लादेशी पहचान पत्र के साथ युवक गिरफ्तार, तीन साथी फरार
ब्रह्मपुत्र मेल में सफर के दौरान आरपीएफ ने पकड़ा; भारतीय मुद्रा के साथ बांग्लादेशी और नेपाली करेंसी मिलने की सूचना, नागरिकता और यात्रा के उद्देश्य की जांच जारी

रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू,
साहिबगंज ।साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर बांग्लादेशी पहचान पत्र और विदेशी मुद्रा के साथ एक 26 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। मालदा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले स्टेशन पर पकड़े गए युवक की पहचान सुमन मियां के रूप में हुई है। वह 15657 ब्रह्मपुत्र मेल से गुवाहाटी जा रहा था। इस दौरान उसके तीन साथी कथित तौर पर मौके से फरार हो गए। युवक के पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र, दो मोबाइल फोन और भारतीय मुद्रा के साथ बांग्लादेश तथा नेपाल की करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां उसकी पहचान, यात्रा के उद्देश्य और फरार साथियों के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं।

ट्रेन में गिरने के दौरान जवानों की नजर में आया युवक
मिली जानकारी के अनुसार, सुमन मियां ब्रह्मपुत्र मेल की ऊपरी बर्थ पर सो रहा था। मिर्जाचौकी और साहिबगंज के बीच ट्रेन में अचानक झटका लगने से वह नीचे गिरने लगा। पास में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे संभाला। इसके बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तलाशी ली। इसी दौरान उसके पास से कथित तौर पर बांग्लादेशी पहचान पत्र और तीन देशों की मुद्रा बरामद हुई। बताया जाता है कि सुरक्षाकर्मियों को देखते ही उसके तीन साथी बोगी से कूदकर फरार हो गए। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
श्रीनगर में कबाड़ का काम करने का दावा
पूछताछ में युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में अपने साथियों के साथ रहकर कबाड़ का काम करता था। वह दिल्ली से ब्रह्मपुत्र मेल में सवार होकर गुवाहाटी जा रहा था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसके इस दावे की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह किन परिस्थितियों में यात्रा कर रहा था और उसके पास मिले दस्तावेजों तथा विदेशी मुद्रा का क्या आधार है। युवक को बरहरवा ले जाने और बाद में साहिबगंज लाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
फरार साथियों की तलाश, यात्रा के रूट की जांच
युवक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सामने उसके तीन फरार साथियों का पता लगाने की चुनौती है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सभी युवक कहां से यात्रा पर निकले थे, उनका गंतव्य क्या था और वे किन लोगों के संपर्क में थे। फिलहाल, युवक के बांग्लादेशी नागरिक होने और सीमा पार करने की कथित योजना से जुड़े दावों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
घुसपैठ के मुद्दे पर फिर गरमाई सियासत
इस घटना के बाद झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भाजपा लंबे समय से संताल परगना के सीमावर्ती इलाकों में कथित घुसपैठ को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि साहिबगंज और आसपास के इलाके घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में युवक की नागरिकता, उसके यात्रा मार्ग और कथित मंसूबों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
साहिबगंज में करीब 12 वर्ष पहले एक बांग्लादेशी लड़की के पकड़े जाने का पुराना मामला भी इस घटना के बाद फिर चर्चा में है। अब निगाहें जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। बरामद दस्तावेजों की सत्यता, विदेशी मुद्रा के स्रोत और फरार साथियों की पहचान से इस मामले की वास्तविक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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