‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर स्कूलों में सामूहिक गायन, विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रहित का संकल्प
pakud news

कोटालपोखर संवाददाता। ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को कोटालपोखर प्लस टू उच्च विद्यालय और सरस्वती शिशु मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। निर्धारित समय सुबह 11 बजे विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया। राष्ट्रगीत की गूंज से विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से भर उठा।
कार्यक्रम में विद्यार्थी अनुशासन के साथ कतारबद्ध होकर शामिल हुए। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सामूहिक गायन में भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया।

स्वतंत्रता आंदोलन में रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम’ के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका की जानकारी दी। बताया गया कि महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसकी रचना की थी और इसे उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया था। वर्ष 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में इसका सार्वजनिक गायन हुआ था।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रवादी चेतना और देशभक्ति का प्रमुख प्रतीक बना। इसके माध्यम से लोगों में मातृभूमि के प्रति सम्मान और एकता की भावना को बल मिला।
एकता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान
शिक्षकों ने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों से परिचित कराने में सहायक होते हैं।
सामूहिक गायन के बाद विद्यार्थियों ने राष्ट्रहित और देश के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
![]()





