बरहेट-पतना में MMDR संशोधन कानून के खिलाफ झामुमो का प्रदर्शन, बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता
big breking news

बरहेट/पतना संवाददाता। बरहेट विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को MMDR संशोधन कानून के विरोध में झामुमो ने अपनी राजनीतिक आपत्ति दर्ज करायी। पतना और बरहेट प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। स्थानीय आयोजकों ने दोनों स्थानों पर 10 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया। भीड़ के कारण कई जगहों पर प्रखंड परिसर से बाहर सड़क तक कार्यकर्ता नजर आये।
झामुमो ने 19 सितंबर को राज्य के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में MMDR संशोधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था। इसी के तहत बरहेट विधानसभा क्षेत्र के दोनों प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
परिसर में कम पड़ी जगह, सड़क तक दिखे कार्यकर्ता
पतना और बरहेट में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने से प्रखंड मुख्यालय परिसर में जगह कम पड़ गयी। कई कार्यकर्ता परिसर के बाहर सड़क के आसपास भी खड़े रहे। कार्यक्रम में झामुमो युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय गोस्वामी समेत पार्टी के स्थानीय नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और MMDR संशोधन कानून को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करायीं।

राज्य के अधिकार और खनिज संसाधनों का मुद्दा उठाया
धरना को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। ऐसे में खनिज संसाधनों से संबंधित नीतियों और कानूनों में बदलाव के दौरान राज्य के हितों तथा स्थानीय लोगों से जुड़े विषयों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
झामुमो नेताओं ने संशोधन कानून के प्रावधानों को लेकर राज्य के अधिकारों और खनिज संसाधनों से जुड़े हितों पर चिंता जतायी तथा केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की।
संजय गोस्वामी ने कहा, लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा विरोध
झामुमो युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय गोस्वामी ने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से जुड़े राज्य के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
वहीं केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष है कि 2026 का संशोधन प्रमुख खनिज क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और एक समान वित्तीय व्यवस्था के उद्देश्य से किया गया है। सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकार समाप्त नहीं होते तथा खनन से जुड़े कर एवं वैधानिक भुगतानों का बड़ा हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।
अधिकारियों को सौंपा मांग पत्र
धरना-प्रदर्शन के समापन के बाद कार्यकर्ताओं और पार्टी प्रतिनिधियों की ओर से संबंधित अधिकारियों को मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से MMDR संशोधन कानून को लेकर पार्टी की आपत्तियां और झारखंड के हितों से जुड़े मुद्दे सरकार तक पहुंचाने की मांग की गयी।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा सतर्क
दोनों प्रखंड मुख्यालयों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किये गये थे। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गयी थी।
![]()





