पाकुड़ में सीएसआर(CSR)को लेकर बड़ा फैसला: स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय होंगी विकास योजनाएं
Pakud news

पाकुड़: जिले में अब कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग स्थानीय जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल, खेल, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
यह निर्देश शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित जिला सीएसआर समिति की बैठक में दिया गया।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं का चयन
उपायुक्त ने बैठक में मौजूद विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सीएसआर योजनाओं का चयन जिले की वास्तविक आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक लंबे समय तक पहुंच सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सीएसआर फंड का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी और स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा देना है।
योजनाओं के दोहराव पर रोक के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि कंपनियां नई योजनाएं शुरू करने से पहले जिला सीएसआर समिति से समन्वय करें, ताकि एक ही क्षेत्र में एक जैसी योजनाओं के दोहराव से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि संसाधनों का प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब योजनाएं समन्वित और जरूरत आधारित हों।
एक्शन प्लान 2026-27 की समीक्षा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित एक्शन प्लान की समीक्षा की गई। साथ ही 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में किए गए कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने और उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
उपायुक्त ने सभी सीएसआर योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल, आईटीडीए परियोजना निदेशक अरुण कुमार एक्का, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित विभिन्न कोल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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