घर-घर सर्वेक्षण अभियान में लापरवाही पर विभाग सख्त, 17 प्रधानाध्यापकों से मांगा गया स्पष्टीकरण,दो दिनों में जवाब देने का निर्देश
घर-घर सर्वेक्षण में लापरवाही पर 17 प्रधानाध्यापकों से जवाब तलब, विभाग ने दो दिन में स्पष्टीकरण देने का दिया अल्टीमेटम

कोटालपोखर (साहिबगंज) संवाददाता।
साहिबगंज जिले के बोरियो एवं मंडरो प्रखंडों में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष घर-घर सर्वेक्षण अभियान में लापरवाही बरतने के मामले में जिला शिक्षा विभाग ने 17 विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इस कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में हलचल मच गई है।
जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को दो दिनों के अंदर जवाब देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान के लिए विशेष घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश स्कूल से बाहर रह गए हैं।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए विद्यालयों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी और बार-बार स्मार पत्र के माध्यम से सर्वे कार्य प्रारंभ करने का निर्देश भी दिया गया था। इसके बावजूद बोरियो एवं मंडरो प्रखंड के कई विद्यालयों द्वारा अब तक सर्वे कार्य शुरू नहीं किया गया, जिसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है।
विभाग ने इसे कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताते हुए सख्त रुख अपनाया है। पत्र की प्रतिलिपि संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को भी भेजी गई है ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। अब सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभियान को हर हाल में सफल बनाया जाएगा।
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कुछ स्थितियों में डेटा का विश्लेषण थोड़ा अलग हो सकता है। एक बार जब सभी कागजी कार्रवाई पूरी हो जाती है, तब भी जमीनी सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाती।