(SBI RSETI)आरसेटी का 10 दिवसीय मशरूम खेती प्रशिक्षण संपन्न, 28 महिलाओं को मिले प्रमाण-पत्र
चंदवा प्रखंड में आयोजित प्रशिक्षण में महिलाओं को मशरूम उत्पादन के साथ स्वरोजगार स्थापित करने की दी गई जानकारी

लातेहार। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (SBI RSETI) की ओर से चंदवा प्रखंड में आयोजित 10 दिवसीय मशरूम की खेती के ऑफ-कैंपस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी 28 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चंदवा प्रखंड क्षेत्र की महिलाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की तकनीक, आवश्यक सामग्री, उत्पादन प्रक्रिया, देखभाल, बाजार की संभावनाओं तथा इसे व्यवसाय के रूप में विकसित करने की जानकारी दी गई।

समापन समारोह में संस्थान के निदेशक संत प्रकाश भगत, NAR EDP असेसर बीरेंद्र मांझी, वरिष्ठ संकाय संतोष कुमार एवं डोमेन असेसर नेमचंद नायक ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक संत प्रकाश भगत ने कहा कि आरसेटी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं एवं महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी जानकारी के साथ व्यावहारिक कौशल भी प्रदान किया जाता है। इससे ग्रामीण युवा एवं महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के आर्थिक विकास में योगदान दे सकती हैं।
वरिष्ठ संकाय संतोष कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाएं। उन्होंने बैंक ऋण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि SBI RSETI लातेहार स्वरोजगार स्थापित करने की दिशा में प्रशिक्षणार्थियों को हरसंभव मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से समय-समय पर ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं के लिए विभिन्न स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार की तलाश के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सक्षम बनाया जा सके।
प्रशिक्षण बैच का मूल्यांकन NAR बेंगलुरु के असेसर बीरेंद्र मांझी एवं डोमेन असेसर नेमचंद नायक द्वारा किया गया। मूल्यांकन पूरा होने के बाद सभी 28 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों ने आरसेटी लातेहार द्वारा दिए गए प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया। महिलाओं ने मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
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