काशिला चेकपोस्ट पर सड़क जाम और पुलिस से हाथापाई,मुखिया समेत तीन गिरफ्तार
चेकपोस्ट पर सड़क जाम और पुलिस से हाथापाई
पाकुड़ संवाददाता। पाकुड़ मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सड़क जाम करने, ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारी के साथ कथित धक्का-मुक्की और पुलिस पेट्रोलिंग टीम के साथ हाथापाई के आरोप में पुलिस ने मुखिया समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 117/26, दिनांक 15 अगस्त 2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में मनोज किस्कू, पिता मंगल किस्कू, निवासी पीपलजुड़ी, थाना मालपहाड़ी ओपी, विमल हांसदा, पिता बैद्यनाथ हांसदा, निवासी पांचाथोल, थाना हिरणपुर तथा सत्यम मरांडी, पिता राजेश कुमार मरांडी, निवासी पांचातोल, थाना मालपहाड़ी ओपी, जिला पाकुड़ शामिल हैं।
काशिला चेकपोस्ट पर सड़क के बीच खड़ी कर दी एसयूवी
पुलिस के अनुसार घटना 15 अगस्त की रात करीब 8:45 बजे की है। आरोप है कि तीनों व्यक्ति काशिला चेकपोस्ट पहुंचे और अपनी महिंद्रा एसयूवी-500 को सड़क के बीच खड़ा कर आवागमन बाधित कर दिया। चेकपोस्ट पर तैनात पदाधिकारी ने वाहन हटाकर रास्ता खाली करने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों ने पदाधिकारी के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वे गिर गए।
पेट्रोलिंग टीम के साथ भी हाथापाई का आरोप
घटना की सूचना मिलने के बाद पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस का आरोप है कि मौके पर पहुंची टीम के साथ भी आरोपियों ने हाथापाई की। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया और तीनों आरोपियों को उनकी एसयूवी के साथ थाना लाया गया। बाद में संबंधित दंडाधिकारी के आवेदन के आधार पर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 117/26 दर्ज की गई।
ट्रक के धक्का मारकर भागने का बताया कारण
गिरफ्तार आरोपी मनोज किस्कू, जिन्हें नवीनगर पंचायत का मुखिया बताया जा रहा है, का कहना है कि उनकी गाड़ी में एक ट्रक ने धक्का मारा था और ट्रक चालक मौके से भाग गया। इसी कारण उन्होंने सड़क जाम किया था। हालांकि पुलिस के अनुसार वाहन की जांच के दौरान ट्रक की टक्कर से संबंधित कोई स्पष्ट निशान अथवा टूट-फूट नहीं मिली। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी के दावे पर भी सवाल उठाए हैं।
बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 281, 285, 132, 221, 224, 351(2), 352 एवं 3(5) के तहत कार्रवाई की है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि सड़क जाम करने की वास्तविक वजह क्या थी और वाहन को कथित रूप से ट्रक द्वारा टक्कर मारे जाने के दावे में कितनी सच्चाई है।
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