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सड़क और पेयजल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्का जाम,घंटों बाधित रही महेशपुर-गुम्मामोड़ सड़क

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पाकुड़ संवाददाता:
महेशपुर प्रखंड के सापाराम मोड़ पर मंगलवार को दीघा और मंदाडंगाल गांव के ग्रामीणों का वर्षों पुराना आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। सड़क निर्माण और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सुबह करीब 9 बजे महेशपुर-गुम्मामोड़ मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया।

सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों, वाहन चालकों और राहगीरों को घंटों भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सड़क और पेयजल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्का जाम,घंटों बाधित रही महेशपुर-गुम्मामोड़ सड़क
सड़क और पेयजल की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्का जाम,घंटों बाधित रही महेशपुर-गुम्मामोड़ सड़क


दीघा व मंदाडंगाल गांव के लोगों का फूटा आक्रोश, लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की सड़क वर्षों से बदहाल है। बरसात के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद से अब तक गांव में पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क का सबसे ज्यादा असर बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है। गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती, जिसके कारण मरीजों को खाट या चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। समय पर इलाज नहीं मिलने से कई लोगों की जान जाने का भी दावा किया गया।

प्रदर्शन में शामिल शीमती देवी, दरीमति मुर्मू, तेरेसा टुडू, कोकिला टुडू, प्यारी मरांडी, पांसुरी मुर्मू, होसोनी मरांडी, सुसाना हांसदा, बिटी हेंब्रम, गणेश राय, सामियल मरांडी, इनोसेंट हेंब्रम, मनोज किस्कू, चुंडा किस्कू समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर लिखित रूप से निर्माण कार्य की तिथि घोषित नहीं करेंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि लगभग एक हजार घरों की आबादी वाले इन गांवों में केवल तीन चापाकल हैं, जिनमें भी अक्सर पानी नहीं आता। मजबूरी में लोगों को कुएं का गंदा पानी पीना पड़ता है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है।

मौके पर मौजूद पंचायत मुखिया रवि हांसदा ने भी ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सड़क और पेयजल दोनों ही समस्याएं गंभीर हैं और प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए।

सड़क जाम की सूचना मिलने पर महेशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपने फैसले पर अड़े रहे। उनका कहना था कि मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आश्वासन मिलने पर ही जाम हटाया जाएगा।

खबर लिखे जाने तक महेशपुर-गुम्मामोड़ मुख्य सड़क पूरी तरह जाम रही। प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार वार्ता कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी थी, वहीं सड़क पर फंसे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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