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भावनात्मक ठगी की कोशिश नाकाम:सब्जी विक्रेता की सतर्कता से बच गए ₹3500

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पाकुड़ संवाददाता।कभी-कभी ठगी का चेहरा ऐसा होता है जिस पर आसानी से शक नहीं किया जा सकता। पाकुड़ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने अपनी मां के बीमार होने की भावुक कहानी सुनाकर एक सब्जी विक्रेता से 3500 रुपये लेने की कोशिश की। लेकिन विक्रेता की सतर्कता ने कथित ठगी की योजना पर पानी फेर दिया।जानकारी के अनुसार,सब्जी विक्रेता वरुण साहा के पास पहुंची एक युवती ने खुद को परेशान बताते हुए कहा कि उसकी मां की तबीयत बेहद खराब है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है। युवती ने भरोसा दिलाया कि वह नकद रुपये दे रही है, जबकि बदले में उसे फोनपे के माध्यम से 3500 रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएं।
बताया जाता है कि बातचीत के दौरान युवती ने बड़ी सहजता और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी,जिससे शुरुआत में किसी को संदेह नहीं हुआ। लेकिन जब रुपये के लेन-देन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तब वरुण साहा को शक हुआ।
सतर्कता से बच गए रुपये—

शक होने पर वरुण साहा ने युवती से पूछताछ शुरू की। इसी बीच युवती वहां से निकलने का प्रयास करने लगी। इसके बाद वरुण साहा ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस के हवाले कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को अपने साथ थाना ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

भावनात्मक ठगी की कोशिश नाकाम:सब्जी विक्रेता की सतर्कता से बच गए ₹3500

साहेबगंज के बोरियो की बताई जा रही युवती—

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,पकड़ी गई युवती साहेबगंज जिले के बोरियो क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। हालांकि पुलिस उसकी पहचान, पृष्ठभूमि और घटना के पीछे की वास्तविक सच्चाई की जांच कर रही है।
क्या पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं?—

पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं युवती पहले भी इसी तरह की घटनाओं में शामिल तो नहीं रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह अकेले काम कर रही थी या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ है।

बढ़ रहे हैं भावनात्मक ठगी के मामले—

जानकारों का कहना है कि हाल के वर्षों में ठगों द्वारा भावनात्मक कहानियों का सहारा लेकर लोगों का विश्वास जीतने और पैसे ऐंठने के प्रयास बढ़े हैं। कभी बीमारी,कभी दुर्घटना और कभी किसी आपात स्थिति का हवाला देकर लोगों को झांसे में लेने की कोशिश की जाती है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले पूरी तरह सत्यापन करना जरूरी है। वरुण साहा की सतर्कता से जहां संभावित नुकसान टल गया, वहीं पुलिस को भी मामले की जांच का अवसर मिल गया।फिलहाल पुलिस युवती से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

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