11वें दिन भी जारी रहा शेरशाहबादी समाज का महाधरना, सांसद प्रतिनिधि अब्दुल कादिर ने दिया समर्थन


बरहरवा संवाददाता।: शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में जारी अनिश्चितकालीन महाधरना गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रहा। लगातार 11 दिनों से चल रहे इस आंदोलन में समाज के लोगों का उत्साह और सहभागिता लगातार बढ़ती जा रही है। धरनास्थल पर आज भी बड़ी संख्या में छात्र, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे।
आंदोलन के 11वें दिन राजमहल सांसद प्रतिनिधि एवं झामुमो नेता अब्दुल कादिर धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया।
धरना को संबोधित करते हुए अब्दुल कादिर ने कहा कि साहिबगंज और पाकुड़ जिले में लाखों की संख्या में शेरशाहबादी समुदाय के लोग निवास करते हैं। वर्ष 2012 तक इस समुदाय को नियमित रूप से जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता था, लेकिन बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के इसे बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत समुदाय को उसके अधिकार से वंचित किया गया है।
उन्होंने कहा,
“आज शेरशाहबादी समाज के छात्र और युवा अपने अधिकार के लिए मैदान में उतर चुके हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब छात्र और युवाओं ने संघर्ष किया है, तब-तब सरकार और प्रशासन को झुकना पड़ा है। इस बार भी प्रशासन को समुदाय के हक और अधिकार के सामने झुकना होगा।”
अब्दुल कादिर ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे इस लड़ाई में पहले भी समाज के साथ थे और आगे भी मजबूती से साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि शेरशाहबादी समाज के अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।
धरनास्थल पर आंदोलनकारियों ने “हमारा हक हमें दो”, “शेरशाहबादी समाज के साथ अन्याय बंद करो”, “जाति प्रमाण पत्र जारी करो” जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर मो. इश्तियाक, मो. आजमाइल, मसूद आलम, वसीम अख्तर, फारुक आलम, महफूज आलम, सलमान ताहिर, नदीम अख्तर, आमिर हमजा, वसीम अकरम, तैय्यब शेख, तोफाइल शेख, मुस्तकीम शेख, मोसब्बर आलम, परवेज आलम सहित समाज के कई गणमान्य लोग, छात्र-युवा एवं सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे।
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