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जब सरकार न पहुंची,तो ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान: चंदा जुटाकर बना डाली 3 किमी सड़क

जब सरकार न पहुंची,तो ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान: चंदा जुटाकर बना डाली 3 किमी सड़क

रिपोर्टिंग: प्रेम कुमार साहू | घाघरा (गुमला)

घाघरा प्रखंड के खंभिया गांव में विकास के दावों की हकीकत तब सामने आई, जब ग्रामीणों ने सरकारी उदासीनता से परेशान होकर खुद ही सड़क निर्माण का जिम्मा उठा लिया। खंभिया बाजारटांड़ से अटरिया गांव तक करीब 3 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर दुरुस्त कर दिया।

यह सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में थी। विशेषकर बरसात के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता था, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल ही नहीं, बल्कि कई बार पूरी तरह बाधित हो जाता था। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।

जब सरकार न पहुंची,तो ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान: चंदा जुटाकर बना डाली 3 किमी सड़क

आखिरकार गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर पहल की। सभी ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया और जेसीबी व ट्रैक्टर की मदद से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया। दिन-रात की मेहनत के बाद ग्रामीणों ने बिना किसी सरकारी सहायता के सड़क को चलने लायक बना दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस ओर ध्यान दिया होता, तो उन्हें खुद यह जिम्मेदारी उठाने की जरूरत नहीं पड़ती। फिलहाल, गांव के लोग अपनी इस सामूहिक पहल से संतुष्ट हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी बुनियादी सुविधाओं के लिए उन्हें खुद आगे न आना पड़े।

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