लातेहारझारखंड

मायापुर में महाविस्फोट! छठे दिन सुलगा जनाक्रोश,“तरुण सिंह वापस जाओ” के नारों से दहला मायापुर

मायापुर में महाविस्फोट! छठे दिन सुलगा जनाक्रोश,“तरुण सिंह वापस जाओ” के नारों से दहला मायापुर

रिपोर्ट: पंकज कुमार यादव,

गारू: पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत आने वाले बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आर-पार की लड़ाई में बदलता जा रहा है। मायापुर में छठे दिन भी सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और रेंजर तरुण कुमार सिंह के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। “वापस जाओ” के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। गांव की गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और घंटों तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि बारेसांढ़ क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे इलाके में अतिरिक्त प्रभार के भरोसे व्यवस्था चलाना वन सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उनका आरोप है कि वर्तमान में अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे रेंजर की मूल पदस्थापना करीब 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर में है। इतनी दूरी से नियमित मॉनिटरिंग, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और जमीनी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इससे जंगल की सुरक्षा और ग्रामीणों के साथ समन्वय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने पूर्व रेंजर नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांढ़ में पदस्थापित करने की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का दावा है कि उनके कार्यकाल में विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर तालमेल था, समस्याओं का त्वरित समाधान होता था और क्षेत्र में पारदर्शिता बनी रहती थी। वर्तमान व्यवस्था से असंतोष लगातार गहराता जा रहा है और लोगों का भरोसा डगमगाने लगा है।

ग्राम प्रधान अनुज समेत आसपास के कई गांवों के लोग आंदोलन में शामिल हुए। महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी ने प्रदर्शन को व्यापक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चरणबद्ध रणनीति के तहत धरना, घेराव और उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है।

लगातार छठे दिन जारी इस विरोध ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट और ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आने से ग्रामीणों में नाराजगी और भड़क रही है। क्षेत्र में बढ़ते जनाक्रोश ने यह संकेत दे दिया है कि अब लोग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

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