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गुमला में अनोखी पहल:नन्हे हाथों में सड़क सुरक्षा की कमान

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गुमला में अनोखी पहल:नन्हे हाथों में सड़क सुरक्षा की कमान

गुमला | 18 फरवरी 2026

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए गुमला जिला प्रशासन ने एक नई और प्रभावी पहल शुरू की है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल की अगुवाई में शहर के एक शिशु मंदिर स्कूल में विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के माध्यम से उनके अभिभावकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है।

वीडियो फुटेज देख सिहर उठे बच्चे, समझी लापरवाही की कीमत

अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा टीम ने बच्चों को वास्तविक सड़क दुर्घटनाओं की वीडियो फुटेज दिखाई। इन दृश्यों ने बच्चों को भावुक कर दिया। अधिकारियों ने समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही किस तरह हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ सकती है।

डीटीओ ने तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें सिर पर गंभीर चोट लगने से होती हैं, जिन्हें मानक हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है।

“माता-पिता ही पहले शिक्षक, उन्हें बनना होगा रोल मॉडल”

बच्चों को संबोधित करते हुए DTO ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा:

“जब घर के बड़े खुद हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? माता-पिता बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। अगर वे स्वयं नियमों का पालन करेंगे, तो आने वाली पीढ़ी को बिना कहे शिक्षा मिल जाएगी।”

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के सामने यातायात नियमों का पालन कर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें।

गुमला में अनोखी पहल:नन्हे हाथों में सड़क सुरक्षा की कमान

बच्चों की ‘शपथ’ बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत

अभियान के दौरान बच्चों ने सामूहिक रूप से शपथ ली—

  • वे अपने माता-पिता को तब तक वाहन लेकर घर से बाहर नहीं जाने देंगे, जब तक वे हेलमेट न पहन लें या कार में सीट बेल्ट न लगा लें।
  • वे अपने परिजनों को वाहन धीमी गति से चलाने के लिए प्रेरित करेंगे।
  • वे सड़क सुरक्षा नियमों का स्वयं पालन करेंगे और दूसरों को भी जागरूक करेंगे।

अधिकारियों ने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि बिना हेलमेट दुर्घटना होने पर गंभीर चोट या मृत्यु की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

चौक-चौराहों पर गूंज रही ‘सुरक्षा की आवाज’

डीटीओ ने जानकारी दी कि प्रशासन की यह पहल केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है। गुमला के प्रमुख चौक-चौराहों पर ‘पब्लिक एड्रेस सिस्टम’ (लाउडस्पीकर) लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से लगातार लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और तेज रफ्तार से बचने की सलाह दी जा रही है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—
अपनी और अपने परिवार की जान अनमोल है। सड़क पर एक छोटी लापरवाही जीवनभर का पछतावा बन सकती है। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल जरूर करें।

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