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जुट की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

जुट की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
  • JCI एवं चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बीच MoU का नवीनीकरण

पाकुड़।
पाकुड़ जिले में जुट उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को पुराना समाहरणालय परिसर स्थित चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कार्यालय में भारतीय जुट निगम लिमिटेड (JCI) एवं चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के पदाधिकारियों, शेयरधारकों एवं किसानों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान वर्ष 2026 के लिए JCI एवं चास हाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के बीच आपसी सहयोग के समझौता ज्ञापन (MoU) का सफलतापूर्वक नवीनीकरण किया गया। इस अवसर पर जुट उत्पादन में किसानों की भागीदारी बढ़ाने तथा उनकी आय में वृद्धि करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष जहां लगभग 3000 किसान JCI से जुड़े थे, वहीं वर्ष 2026 में इस संख्या को बढ़ाकर 4500 किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर JCI के क्षेत्रीय प्रबंधक कौस्तभ रॉय ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से जुट की खेती करने की सलाह देते हुए कहा कि जुट एक महत्वपूर्ण नकद फसल है। उन्होंने बताया कि रेशों की गुणवत्ता एवं रंग जितना बेहतर होगा, किसानों को बाजार में उतना ही अधिक लाभ प्राप्त होगा।

वहीं जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए फसलों की नियमित देखरेख, समय पर उर्वरक का उपयोग तथा प्रभावी कीट नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों को किसी भी प्रकार के तकनीकी सहयोग हेतु जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला आजीविका प्रबंधक (JSLPS), चास हाट के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, अन्य पदाधिकारी, प्रगतिशील किसान तथा JCI के प्रतिनिधि सागर मुखर्जी, सब्बीर रहमान, प्रभाकर मालाकार, रिंटू बिस्वास, राजेश सरकार एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (पाकुड़ सदर) सहित कई कर्मी उपस्थित रहे।

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