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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पाकुड़ में उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पाकुड़ में उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

सतत परिश्रम और अनुशासन से ही सफलता संभव : उपायुक्त

पाकुड़।कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पाकुड़ में रविवार को सीबीएसई बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में सम्मिलित होने वाली छात्राओं के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सतत परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से ही बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, समय के सदुपयोग तथा निरंतर अभ्यास और पुनरावृत्ति पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

उपायुक्त ने कहा कि बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करती है। जिला प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक पहल और विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्राओं की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम और बेहतर होगा।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पाकुड़ में उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए उपायुक्त ने कहा कि छात्राएं परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पूर्व पहुंचें, शांत और एकाग्रचित्त होकर परीक्षा दें तथा प्रश्नपत्र को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही उत्तर लिखें। उन्होंने परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों से दूर रहने और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सम्मिलित होने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रश्न का उत्तर पूर्ण रूप से ज्ञात न हो, तो उससे संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं को अवश्य लिखें, जिससे अंक प्राप्त करने की संभावना बनी रहती है। साथ ही उत्तर पुस्तिका में स्वच्छ, स्पष्ट एवं व्यवस्थित लेखन तथा आवश्यकतानुसार आरेख व फ्लोचार्ट के उपयोग पर भी बल दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने छात्राओं को एमडीए-आईडीए अभियान (10 फरवरी से 25 फरवरी 2026) के बारे में जानकारी देते हुए फाइलेरिया रोधी दवा सेवन के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया (हाथी पांव) एक गंभीर लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है। दवा का नियमित सेवन कर इसके संक्रमण को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं दवा का सेवन करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और जिले के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी छात्राओं से आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में सम्मिलित होकर जिले एवं राज्य का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

मौके पर एडीपीओ पीयूष कुमार, एपीओ रघुवर तिवारी, एपीओ राजेश कुमार एवं प्रभारी वार्डेन उपस्थित थे।

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