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संवेदना,सेवा और संकल्प का संगम: महुआडांड़ में वनपाल परमजीत तिवारी का अनुकरणीय कार्य

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100 अनाथ बच्चों के भविष्य में उम्मीद की रोशनी बने वनपाल परमजीत तिवारी

    संवेदना,सेवा और संकल्प का संगम: महुआडांड़ में वनपाल परमजीत तिवारी का अनुकरणीय कार्य

    पंकज कुमार यादव |

    महुआडांड़ रामपुर, महुआडांड़ स्थित RPS सेवा संस्थान अनाथ आश्रम में आज मानवता, करुणा और सामाजिक दायित्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। बारेसांढ़ के वनपाल परमजीत तिवारी ने आश्रम में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे अनाथ एवं अत्यंत गरीब 100 बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया।

    इस दौरान बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए किताबें, कॉपियाँ, पेन, पेंसिल, मैप सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही, बच्चों की बेहतर देखभाल और आश्रम की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए श्री तिवारी ने नकद राशि भी दान स्वरूप प्रदान की।

    कार्यक्रम के दौरान श्री तिवारी ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा,

    “समाज का भविष्य इन्हीं बच्चों के हाथों में है। यदि आज इन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो ये कल समाज को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।”

    शैक्षणिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उम्मीद की चमक साफ दिखाई दी। आश्रम प्रबंधन और बच्चों ने इस पुनीत कार्य के लिए श्री परमजीत तिवारी के प्रति हृदय से आभार और साधुवाद प्रकट किया।

    यह पहल न केवल जरूरतमंद बच्चों के लिए संबल बनी, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरक संदेश है कि थोड़े से प्रयास और संवेदना से किसी का भविष्य संवारा जा सकता है।

    परमजीत तिवारी का यह कार्य सिद्ध करता है कि सच्ची सेवा वही है, जहाँ करुणा और जिम्मेदारी साथ-साथ चलें।

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