नई दिल्ली: Republic Summit 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया के सामने भारत की विकास यात्रा, शासन की प्राथमिकताओं और भविष्य के विजन को विस्तार से रखा। अपने संबोधन में उन्होंने ‘नेशन फर्स्ट’ को भारत की नीतियों का मूल आधार बताते हुए कहा कि देश के हर निर्णय, हर योजना और हर प्रयास के केंद्र में राष्ट्रहित ही सर्वोपरि रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय और जिम्मेदार शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती साख का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के बड़े देश अब भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहे हैं।
‘नेशन फर्स्ट’ बना विकास का आधार
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार द्वारा लिए गए सभी बड़े फैसलों के पीछे ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना रही है। स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया, लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे कार्यक्रमों की सफलता का श्रेय उन्होंने देश की जनता को दिया। उन्होंने कहा कि जब नागरिक देश को सर्वोपरि रखते हैं, तभी योजनाएं सफल होती हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में बदलाव का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाकों में हुए बदलाव को ‘नेशन फर्स्ट’ नीति का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब इन क्षेत्रों में सरकारी कामकाज करना बेहद कठिन था और हिंसा का माहौल बना रहता था।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच नक्सल हिंसा की हजारों घटनाएं हुईं और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। लेकिन 2014 के बाद सरकार ने ठोस रणनीति अपनाई, जिसके चलते अब नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, केवल सुरक्षा बलों के सहारे नहीं बल्कि विकास कार्यों के जरिए इन क्षेत्रों में बदलाव लाया गया। सड़कों का निर्माण, मोबाइल टावरों की स्थापना, बैंकिंग सेवाओं का विस्तार और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता ने वहां के लोगों में विश्वास पैदा किया।
उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कें बनाई गईं, हजारों मोबाइल टावर लगाए गए और दूरदराज के गांवों तक कनेक्टिविटी पहुंचाई गई। इसके परिणामस्वरूप आज जहां कभी भय का माहौल था, वहां अब खेल और प्रतिभा को बढ़ावा मिल रहा है।
निराशा से आशा की ओर बढ़ता भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश ने निराशा के माहौल से निकलकर आत्मविश्वास और आशा का वातावरण तैयार किया है। पहले जहां लोगों को लगता था कि बदलाव संभव नहीं है, वहीं अब हर व्यक्ति यह मानने लगा है कि मेहनत से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यही बदलाव भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो देश को आगे बढ़ाने की असली ताकत बन रहा है।
‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ मॉडल की सफलता
प्रधानमंत्री ने देश के पिछड़े जिलों को ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों को पहले पिछड़ा माना जाता था, आज वही विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार ने इन जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देकर विकास की नई दिशा दी है। इसका असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकलकर नए अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं।
मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मध्यम वर्ग को दी गई सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मिडिल क्लास के जीवन को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
होम लोन की ब्याज दरों में कमी, टैक्स में राहत, जीएसटी सुधार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से लोगों को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं देना पड़ता, जिससे मध्यम वर्ग की आय में वृद्धि हुई है।
इसके अलावा जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाओं की उपलब्धता और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी
प्रधानमंत्री ने देश में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो नेटवर्क, हाईवे, एयरपोर्ट और हाई स्पीड ट्रेनों के विस्तार से देश में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
उन्होंने बताया कि जहां पहले रोजाना लाखों लोग मेट्रो से सफर करते थे, वहीं अब यह संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। वंदे भारत और अन्य आधुनिक ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ रही हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल हर मुद्दे पर विरोध करने की मानसिकता से ग्रसित हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग विकास परियोजनाओं का विरोध करते हैं, लेकिन बाद में उन्हीं परियोजनाओं की मांग भी करते हैं। प्रधानमंत्री ने ऐसे रवैये को देश के विकास के लिए बाधक बताया।
युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए अवसर
प्रधानमंत्री ने युवाओं, उद्यमियों और स्टार्टअप्स को देश के विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव नए अवसर लेकर आ रहे हैं और भारत के युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
विकसित भारत का लक्ष्य
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास से यह सपना साकार होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि देश की वर्तमान पीढ़ी ही विकसित भारत को अपनी आंखों से देखेगी और यह लक्ष्य दूर नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनौतियां चाहे जैसी भी हों, भारत उन्हें पार करने की क्षमता रखता है और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ देश लगातार आगे बढ़ता रहेगा।